United Breweries: मुनाफे में 190% का धमाका, प्रीमियम ब्रांड्स की बिक्री से कंपनी ने भरी उड़ान

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AuthorNeha Patil|Published at:
United Breweries: मुनाफे में 190% का धमाका, प्रीमियम ब्रांड्स की बिक्री से कंपनी ने भरी उड़ान

United Breweries ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **190%** बढ़कर **₹135 करोड़** पहुंच गया है, जिसके पीछे प्रीमियम ब्रांड्स की बढ़ती डिमांड और **16%** की वॉल्यूम ग्रोथ मुख्य वजह रही है।

प्रीमियम पोर्टफोलियो से मिली रफ्तार

कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए 'प्रीमियमाइजेशन' पर जोर दिया है। इस तिमाही में प्रीमियम बीयर ब्रांड्स की बिक्री 38% तक बढ़ गई है। इसमें खास तौर पर Heineken Silver ने कमाल दिखाया है, जिसकी सेल्स में 67% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। लागत को कम करने और मार्केट के करीब पहुंचने के लिए कंपनी उत्तर प्रदेश में अपना नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगा रही है, जो अगले साल सितंबर तक चालू हो जाएगा।

मार्जिन में सुधार और चुनौतियां

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण कंपनी को ₹300 से ₹350 करोड़ तक का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने अपने EBITDA मार्जिन को 480 बेसिस पॉइंट्स सुधारकर 11.9% पर पहुंचा दिया है। यह कामयाबी अनुशासित रेवेन्यू मैनेजमेंट और रिसाइकल बोतलों के बेहतर इस्तेमाल से मिली है।

स्टेट पॉलिसी पर टिकी नजरें

United Breweries की ग्रोथ काफी हद तक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों की नीतियों पर निर्भर करती है। मैनेजमेंट का कहना है कि जहां कुछ राज्यों में सुधार हुए हैं, वहीं अभी भी कई जगह बेहतर प्राइसिंग फ्रेमवर्क की जरूरत है। इसके अलावा, सरकारी प्राधिकरणों से पेमेंट में देरी होना कंपनी के कैश फ्लो के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बना हुआ है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में विस्तार और पॉलिसी रिफॉर्म्स पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.