United Breweries Limited ने अपने प्रीमियम बियर कारोबार को बढ़ाने के लिए नई रणनीति बनाई है। कंपनी ने महाराष्ट्र की एलोरा यूनिट में **₹110 करोड़** के निवेश का ऐलान किया है, जिसका लक्ष्य प्रीमियम सेगमेंट में **20-25%** की सालाना ग्रोथ हासिल करना है।
प्रीमियम पोर्टफोलियो पर दांव
United Breweries Limited (UBL) अब पूरी तरह से प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अपने ब्रांड्स जैसे 'Heineken Silver' की पहुंच को केरल, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे नए बाजारों में तेजी से बढ़ाना है। इस रणनीति का मुख्य मकसद स्ट्रक्चरल प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर बनाना है, जिससे EBITDA मार्जिन को मध्यम अवधि में 'मिड-टीन्स' तक ले जाया जा सके।
Q1 प्रदर्शन और चुनौतियां
कंपनी के हालिया Q1 FY27 नतीजों में मिले-जुले संकेत मिले हैं। हालांकि कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 7-10% बढ़ा है, लेकिन इनपुट कॉस्ट के दबाव के कारण नेट प्रॉफिट में 9.6% की गिरावट आई है। राहत की बात यह है कि ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार हुआ है और EBITDA मार्जिन पिछले क्वार्टर के 6.5% से बढ़कर 10.9% पर पहुंच गया है।
रेगुलेटरी और मार्केट रिस्क
ग्रोथ की राह में कुछ चुनौतियां अभी भी कायम हैं। शराब पर भारी एक्साइज ड्यूटी (जो रिटेल कीमत का लगभग 65% तक है) और राज्यों के बदलते नियम कंपनी के लिए बड़ी बाधा हैं। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते इनपुट लागत में बढ़ोतरी का असर मार्जिन्स पर साफ दिख रहा है। हालांकि, UBL अपनी सप्लाई चेन को पूरी तरह से लोकलाइज करने की कोशिश कर रही है, जिससे भविष्य में कॉस्ट पर कंट्रोल रहने की उम्मीद है।
