United Breweries Limited ने महाराष्ट्र स्थित अपनी Ellora Brewery में ₹110 करोड़ का निवेश करने का फैसला किया है। इस नई यूनिट से कंपनी प्रति घंटे **40,000** कैन तैयार कर सकेगी, हालांकि इस साल कंपनी को महंगाई की वजह से **₹300 से ₹350 करोड़** के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और विस्तार
United Breweries Limited अपनी प्रोडक्शन रफ्तार बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपनी Ellora Brewery में एक नई कैनिंग लाइन लगा रही है। ₹110 करोड़ के इस निवेश से अक्टूबर 2026 तक हर घंटे 40,000 कैन का उत्पादन संभव हो सकेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य मार्केट में माल की सप्लाई को तेज और अधिक कुशल बनाना है।
क्यों है यह निवेश जरूरी?
आजकल के ग्राहक 'कैन बीयर' फॉर्मेट को काफी पसंद कर रहे हैं, खासकर प्रीमियम ब्रांड्स जैसे Heineken Silver की मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया है। महाराष्ट्र में प्रोडक्शन शुरू होने से कंपनी की लॉजिस्टिक कॉस्ट कम होगी और स्टोर शेल्फ पर प्रोडक्ट की उपलब्धता बनी रहेगी।
महंगाई और मार्जिन की चुनौती
जहां कंपनी साल 2027 तक डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं इन्फ्लेशन और ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें कंपनी के मुनाफे पर भारी पड़ रही हैं। इस फाइनेंशियल ईयर में कंपनी को ₹300 करोड़ से ₹350 करोड़ तक का नेगेटिव इम्पैक्ट झेलना पड़ सकता है। इसे बैलेंस करने के लिए कंपनी 25 राज्यों में अपनी प्रोडक्ट प्राइसिंग को रि-एडजस्ट कर रही है।
रेगुलेटरी समीकरण और भविष्य की राह
कंपनी ने कर्नाटक में वॉल्यूम-बेस्ड टैक्स स्ट्रक्चर का फायदा उठाया है और अब इसी तर्ज पर तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी सरकार के साथ बातचीत कर रही है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी कैसे अपनी कीमतों को बढ़ाकर महंगाई के दबाव को कम करती है और नई प्लांट का काम समय पर पूरा करती है।
