जापानी रिटेलर Uniqlo ने भारत में अपने विस्तार का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। कंपनी ने 2031 तक स्टोर्स की संख्या को बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा है, साथ ही लोकल सोर्सिंग पर भी जोर दिया जा रहा है।
जापानी फैशन दिग्गज Uniqlo भारत में अपनी पकड़ को तेजी से मजबूत करने की तैयारी में है। वर्तमान में देश भर में 20 स्टोर्स चलाने वाली यह कंपनी आने वाले कुछ वर्षों में इस नेटवर्क को पांच गुना बढ़ाने की योजना बना रही है। हाल ही में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई उच्च-स्तरीय बैठकों में इस विस्तार और भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में शामिल करने पर चर्चा की गई है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
Uniqlo के लिए भारत का बाजार अब मुनाफे वाला हो चुका है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,100 करोड़ के पार पहुंच गया है, जो कि सालाना आधार पर 44% की मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है। यह सफलता कंपनी को दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, चंडीगढ़, लखनऊ और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में निवेश बढ़ाने का हौसला दे रही है।
लोकल मैन्युफैक्चरिंग और चुनौतियां
कंपनी अब अपना ध्यान घरेलू सोर्सिंग पर लगा रही है। Uniqlo का उद्देश्य है कि भारत में बने कपड़ों को न केवल भारतीय स्टोर्स में बेचा जाए, बल्कि इसे ग्लोबल नेटवर्क का हिस्सा भी बनाया जाए। हालांकि, इसके लिए भारतीय सप्लायर्स को कंपनी के ग्लोबल क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करना होगा।
भारतीय मार्केट में H&M और Zara जैसे बड़े प्लेयर्स के अलावा घरेलू ब्रांड्स से भी तगड़ी प्रतिस्पर्धा है। साथ ही, रियल एस्टेट और टैलेंट एक्विजिशन की चुनौतियां भी कंपनी के सामने हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि Uniqlo की पैरेंट कंपनी, Fast Retailing Co., Ltd., भारतीय शेयर बाजारों में लिस्टेड नहीं है, इसलिए निवेशक सीधे तौर पर इसमें पैसा नहीं लगा सकते, लेकिन इसका विस्तार भारत के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक बड़े अवसर की तरह देखा जा रहा है।
