Unilever के CEO Fernando Fernandez ने भारत को अपनी इमर्जिंग मार्केट विस्तार योजना का ब्लूप्रिंट बनाया है। कंपनी अपने **$1.5 से $2 बिलियन** के सालाना एक्विजिशन बजट का बड़ा हिस्सा भारत में निवेश करेगी।
भारत पर दांव और नई स्ट्रैटेजी
Unilever मैनेजमेंट ने अब भारत को ग्लोबल स्तर पर इमर्जिंग मार्केट्स के लिए एक 'मॉडल मार्केट' घोषित कर दिया है। हाल ही में लॉन्च की गई 'Winning in New India' (WINI) स्ट्रैटेजी का मकसद प्रीमियम प्रोडक्ट्स और डिजिटल रीच के जरिए मार्केट शेयर बढ़ाना है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इमर्जिंग मार्केट्स की हिस्सेदारी 62% है, जो भारत को उनकी ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बनाती है।
निवेश और कैपिटल एक्सपेंडिचर
कंपनी अपने $1.5 से $2 बिलियन के सालाना ग्लोबल एक्विजिशन बजट का एक बड़ा हिस्सा भारत के लिए सुरक्षित रख रही है। यह फंड मुख्य रूप से प्रीमियम पर्सनल केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के पोर्टफोलियो को मजबूत करने में लगाया जाएगा। Hindustan Unilever अब अगले पांच वर्षों के लिए अपना कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) टर्नओवर का 3% तक बढ़ा रही है, जो पहले 2% था। इसका मुख्य उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग को आधुनिक बनाना और क्विक कॉमर्स जैसे हाई-मार्जिन चैनल्स पर पकड़ मजबूत करना है।
मार्जिन और भविष्य की चुनौतियां
कंपनी ने मीडियम-टर्म EBITDA मार्जिन गाइडेंस को 22%–24% के दायरे में तय किया है। यह लचीलापन इसलिए रखा गया है ताकि मार्जिन बढ़ाने के बजाय ब्रांड बिल्डिंग और ग्रोथ में पैसा लगाया जा सके। हालांकि, कड़ी प्रतिस्पर्धा और मार्जिन पर短期 (Short-term) दबाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि यह निवेश वॉल्यूम ग्रोथ में कितनी तेजी लाता है।
