Live News ›

Unilever Hiring Freeze: ग्लोबल हायरिंग पर रोक! मिडिल ईस्ट संकट का बड़ा असर

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Unilever Hiring Freeze: ग्लोबल हायरिंग पर रोक! मिडिल ईस्ट संकट का बड़ा असर
Overview

कंज्यूमर गुड्स की बड़ी कंपनी Unilever ने तुरंत प्रभाव से अपनी ग्लोबल हायरिंग पर रोक लगा दी है। यह रोक कम से कम **तीन महीने** तक जारी रहेगी। कंपनी का कहना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सप्लाई में आई दिक्कतों के चलते यह फैसला लिया गया है।

ग्लोबल हायरिंग पर रोक क्यों?

Unilever, जो एक मल्टीनेशनल कंज्यूमर गुड्स कंपनी है, ने तुरंत प्रभाव से दुनिया भर में नई भर्तियों पर रोक लगा दी है। यह 'हायरिंग फ्रीज' कम से कम तीन महीने तक लागू रहेगा और सभी स्तरों पर नई नियुक्तियों को प्रभावित करेगा। कंपनी का यह कदम मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सप्लाई में आई गंभीर बाधाओं के कारण उठाया गया है। इन दिक्कतों से कंपनी की लागत बढ़ी है और आर्थिक अनिश्चितता भी पैदा हुई है।

कंपनी ने 'कई बड़ी चुनौतियां' बताईं

Unilever के पर्सनल केयर बिजनेस के हेड Fabian Garcia ने कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में कहा कि "मैक्रो इकोनॉमिक और जियोपॉलिटिकल असलियतें, खासकर मिडिल ईस्ट संघर्ष... आने वाले कुछ महीनों के लिए कुछ बड़ी चुनौतियां पेश कर रही हैं।" नई भर्तियों पर लगी यह रोक बाजार की इन मुश्किल परिस्थितियों की सीधी प्रतिक्रिया है। कंपनी ने यह भी जोड़ा कि वह बाजार की स्थितियों के अनुसार "हमेशा अपनी योजनाओं में जरूरी बदलाव करेगी"।

लागत कटौती और बिजनेस रिव्यू का हिस्सा

यह हायरिंग फ्रीज Unilever के 2024 से चल रहे कॉस्ट-सेविंग एफर्ट्स का ही एक हिस्सा है। इन कोशिशों का मकसद अगले तीन साल में लगभग €800 मिलियन (लगभग ₹7,000 करोड़) की बचत करना है। इसके चलते पहले भी कई कर्मचारियों की छंटनी (जॉब कट्स) हो चुकी है, खासकर ऑफिस स्टाफ की। कंपनी का वर्कफोर्स 2020 में करीब 1,49,000 कर्मचारियों से घटकर अब 96,000 पर आ गया है। इसके अलावा, Unilever अपने फूड बिजनेस को McCormick & Company को बेचने पर भी चर्चा कर रही है, जो CEO Fernando Fernandez के नेतृत्व में एक बड़ा रणनीतिक कदम हो सकता है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.