उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग ने Zepto, Reliance Mart और Metro समेत चार डार्क स्टोर्स और रिटेल आउटलेट्स के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। हाइजीन और स्टोरेज नियमों के उल्लंघन के चलते की गई यह कार्रवाई क्विक-कॉमर्स कंपनियों के लिए एक बड़ा अनुपालन जोखिम (Compliance Risk) बनकर उभरी है।
'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत सख्ती
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (Food Safety and Drug Administration) ने राज्य भर में एक बड़ा कंप्लायंस ड्राइव शुरू किया है। 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत विभाग ने उन स्टोर्स पर नकेल कसी है जो मानकों का पालन नहीं कर रहे थे।
कहाँ-कहाँ मिलीं कमियां?
गाजियाबाद में Zepto के एक फैसिलिटी में इंस्पेक्शन के दौरान गंदगी और कीड़े मिलने की बात सामने आई है, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से वहां का काम रोक दिया गया। वहीं, कानपुर में Reliance Mart और Metro के आउटलेट्स पर भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई हुई है। जांच में पाया गया कि ये स्टोर कोल्ड-चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंट्रोल-एटमॉस्फेयर बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहे। इतना ही नहीं, वहां रखे कंफेक्शनरी प्रोडक्ट्स भी एक्सपायरी डेट के निकले। आगरा के एक रिलायंस स्टोर से तो ₹68,000 मूल्य के मखाने भी जब्त किए गए।
निवेशकों के लिए सबक
अब तक इस अभियान में 149 साइट्स की जांच हो चुकी है, जबकि 79 अन्य फैसिलिटीज को सुधार नोटिस (Improvement Notices) दिए गए हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि तेजी से विस्तार कर रही इन क्विक-कॉमर्स कंपनियों के लिए सप्लाई चेन और हाइजीन बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण है।
यदि इन कंपनियों को पेस कंट्रोल, बेहतर स्टाफ ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड पर भारी निवेश करना पड़ता है, तो इसका सीधा असर इनके ऑपरेशनल मार्जिन पर दिख सकता है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित है, या बाकी राज्य भी इसी तरह के कड़े नियम लागू करने वाले हैं।
