Triveni Engineering & Industries ने सितंबर तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट चार गुना बढ़कर **₹93.65 करोड़** पर पहुंच गया है, वहीं रेवेन्यू भी **₹2,069.49 करोड़** दर्ज किया गया है।
मुनाफे की रफ्तार
Triveni Engineering & Industries Limited का प्रदर्शन सितंबर तिमाही में काफी मजबूत रहा है। कंपनी ने ₹93.65 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹21.38 करोड़ के मुकाबले लगभग चार गुना अधिक है। तिमाही के दौरान कंपनी का टोटल रेवेन्यू बढ़कर ₹2,069.49 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹1,927.13 करोड़ था। ध्यान रहे कि ये आंकड़े पावर ट्रांसमिशन बिजनेस के डीमर्जर के बाद की स्थिति को दर्शाते हैं।
कर्ज मुक्त होने की दिशा में कदम
नतीजों में सबसे बड़ी हाइलाइट कंपनी का कर्ज प्रबंधन है। 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी ने अपने शॉर्ट-टर्म कर्ज को घटाकर ₹193.25 करोड़ कर लिया है, जो 31 मार्च, 2026 को ₹1,817.87 करोड़ था। कर्ज कम होने से ब्याज का बोझ कम हुआ है और बैलेंस शीट पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिख रही है।
एथेनॉल पॉलिसी की चुनौती
कंपनी के लिए एथेनॉल डिवीजन में चुनौतियां बनी हुई हैं। सरकार की नई एथेनॉल सप्लाई पॉलिसी, जिसमें गन्ने के रस और बी-हेवी मोलासेस के उपयोग पर रोक है, ने शुगर कंपनियों की रणनीति पर दबाव डाला है। कंपनी अब मक्का जैसे वैकल्पिक फीडस्टॉक के इस्तेमाल और लागत नियंत्रण (Cost Optimization) पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
आगे का आउटलुक
उत्तर प्रदेश में 8 शुगर मिलों और 104.5 मेगावाट की को-जेनरेशन क्षमता के साथ कंपनी अपने परिचालन पर जोर दे रही है। हालांकि वाटर मैनेजमेंट बिजनेस की रफ्तार थोड़ी सुस्त रही है, लेकिन मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले समय के लिए स्थिरता का भरोसा दिलाती है। अब निवेशकों की नजर चीनी की कीमतों और कंपनी द्वारा कच्चे माल की बढ़ती लागत को मैनेज करने की क्षमता पर रहेगी।
