ज्वेलरी रिटेलर Tribe Amrapali इस साल 8-10 नए स्टोर खोलने की तैयारी में है। कंपनी की नजर एयरपोर्ट जैसे हाई-फुटफॉल वाले लोकेशन्स पर है, जहाँ बढ़ती मांग को भुनाने की योजना है। सोने की ऊंची कीमतों के चलते ग्राहकों का सिल्वर ज्वैलरी की ओर बढ़ता रुझान कंपनी के लिए बड़ा मौका बनकर उभरा है।
क्या है पूरी योजना?
Tribe Amrapali, जो अपने हैंडीक्राफ्ट डिजाइन के लिए जानी जाती है, ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 8 से 10 नए फिजिकल स्टोर खोलने का ऐलान किया है। कंपनी खास तौर पर एयरपोर्ट लोकेशन्स को टारगेट कर रही है, जो पहले से ही उसके ऑफलाइन बिजनेस का करीब 50% हिस्सा हैं। इस विस्तार का मकसद यात्रियों तक पहुंचना और इम्पल्स बाइंग (आवेग में खरीदारी) को भुनाना है, जिसे कंपनी अपनी ग्रोथ की एक अहम रणनीति मानती है।
क्यों बढ़ रहा है सिल्वर ज्वैलरी का क्रेज?
इस रिटेल पुश के पीछे कंज्यूमर बिहेविअर में एक बड़ा बदलाव देखा गया है। ग्लोबल और डोमेस्टिक गोल्ड प्राइसेज लगातार ऊंचे बने हुए हैं, जिसके चलते कंपनी का कहना है कि ग्राहक तेजी से सिल्वर और फैशन ज्वैलरी की ओर रुख कर रहे हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि यह कोई अस्थायी बदलाव नहीं, बल्कि एक लॉन्ग-टर्म ट्रेंड बनने वाला है। सिल्वर पर फोकस करके, ब्रांड एक ज्यादा अफोर्डेबल लग्जरी ऑप्शन पेश करना चाहता है, जिससे वह मार्केट के उस बड़े सेगमेंट को टारगेट कर सके, जिसके लिए सोना खरीदना मुश्किल होता जा रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशन्स को कैसे बढ़ाया जाएगा?
अपने रिटेल विस्तार को सपोर्ट करने के लिए, Tribe Amrapali साथ-साथ अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी भी बढ़ा रही है। कंपनी फिलहाल हर महीने 200,000 से ज्यादा पीस ज्वैलरी का उत्पादन करती है। अपने करीब 1,600 कारीगरों के मौजूदा नेटवर्क के जरिए, कंपनी ने अपनी कोर मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की जरूरत के बिना उत्पादन में 50% की और बढ़ोतरी की क्षमता पहचानी है। इससे कंपनी को प्लांट स्टोर ओपनिंग्स के हिसाब से सप्लाई बढ़ाने में मदद मिलेगी।
लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स में डाइवर्सिफिकेशन
ज्वैलरी के अलावा, कंपनी 'Tribe Home' के जरिए मौजूदा ग्राहकों से ज्यादा वैल्यू निकालने की कोशिश कर रही है। इस इनिशिएटिव में होम एक्सेसरीज और डेकोरेटिव आइटम्स बेचना शामिल है। होम डेकोर को अपने कैटलॉग में जोड़कर, कंपनी अपने रेवेन्यू स्ट्रीम को बढ़ाना चाहती है और अपनी डिजाइन क्षमताओं का फायदा उठाना चाहती है। उम्मीद है कि जिन ग्राहकों को ज्वैलरी ब्रांड पर भरोसा है, वे लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स भी खरीदेंगे।
बिजनेस रियलिटी चेक
इन्वेस्टर्स के लिए, सबसे अहम बात यह मॉनिटर करना है कि क्या ये हाई-ट्रैफिक एयरपोर्ट स्टोर्स, आमतौर पर ऐसे लोकेशन्स से जुड़े हाई रेंटल कॉस्ट के बावजूद, अपेक्षित रेवेन्यू ग्रोथ दे पाएंगे। इसके अलावा, जबकि सिल्वर ज्वैलरी की ओर शिफ्ट ऊंची गोल्ड प्राइसेज से निपटने की एक रणनीति है, कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह ऐसे सेगमेंट में अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं, जहाँ फैशन ट्रेंड्स पारंपरिक गोल्ड ज्वैलरी की तुलना में तेजी से बदलते हैं। निवेशकों को कंपनी की इन्वेंट्री मैनेज करने की क्षमता और इन नए लोकेशन्स पर एक्चुअल फुटफॉल पर नजर रखनी चाहिए, जैसे-जैसे फाइनेंशियल ईयर आगे बढ़ेगा।
