रिटेल दिग्गज Trent ने अपने Westside और Zudio आउटलेट्स में Caffe Nero कॉफी शॉप्स खोलने के लिए लाइसेंसिंग डील साइन की है। Tata Starbucks के साथ बातचीत विफल होने के बाद कंपनी का यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है।
टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent ने अपनी इन-स्टोर रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए लंदन की मशहूर कॉफी चेन Caffe Nero के साथ साझेदारी की है। इस डील के तहत, कंपनी के लाइफस्टाइल स्टोर Westside और वैल्यू-फैशन आउटलेट Zudio के अंदर अब Caffe Nero के कैफे देखने को मिलेंगे। यह कदम तब उठाया गया है जब Trent और Tata Starbucks के बीच स्टोर फॉर्मेट और लेआउट को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। इस बदलाव के चलते Harish Bhat ने कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा भी दे दिया है ताकि हितों का टकराव न हो।
इस डील के पीछे का गणित
Trent का मुख्य लक्ष्य अपने स्टोर्स में 'कस्टमर ड्वेल टाइम' (दुकान में ग्राहकों के बिताए गए समय) को बढ़ाना है। रिटेल मार्केट में ग्राहक जितना ज्यादा समय स्टोर में बिताते हैं, उतनी ही बिक्री बढ़ने की संभावना रहती है। फैशन रिटेल के इस प्रतिस्पर्धी दौर में, कंपनी अपने प्रति स्क्वेयर फुट रेवेन्यू को बढ़ाने पर फोकस कर रही है। Caffe Nero जैसे स्पेशलाइज्ड पार्टनर के साथ मिलकर Trent को खुद फूड बिजनेस की जटिलताओं को संभालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
चुनौतियां और निवेशकों के लिए नजरिया
हालांकि, कपड़ों के बिजनेस के साथ फूड और बेवरेज की क्वालिटी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ, किचन इक्विपमेंट और हाइजीन मैनेजमेंट की जरूरत होगी। साथ ही, भारत के शहरों में रियल एस्टेट की महंगी लागत भी एक फैक्टर है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि:
- स्टोर में इन कैफे को जोड़ने की रफ्तार क्या होगी और इसमें कितना कैपिटल एक्सपेंडिचर लगेगा?
- क्या ये कैफे कंपनी के मुख्य फैशन बिजनेस के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डालेंगे?
- इतने बड़े नेटवर्क में क्वालिटी को मेंटेन करना कंपनी के लिए कितना चुनौतीपूर्ण साबित होगा।
