मार्जिन में आया ज़बरदस्त उछाल, ग्रोथ की धीमी रफ्तार को किया पीछे
Trent के लिए तीसरी तिमाही मिली-जुली रही। जहां समान-स्टोर बिक्री (SSG) और लाइक-फॉर-लाइक (LFL) ग्रोथ में थोड़ी नरमी दिखी, वहीं Tata ग्रुप की इस फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल रिटेलर ने अपने मार्जिन को काफी मजबूत किया। कंपनी के अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन एंड एमोर्टाइजेशन (EBITDA) में पिछले साल की तुलना में 194 बेसिस पॉइंट्स का बड़ा उछाल आया, जो अब 20.4% पर पहुंच गया है। मार्जिन में इस सुधार और आक्रामक स्टोर नेटवर्क विस्तार के दम पर रेवेन्यू में 16% की सालाना बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।
स्टोर नेटवर्क का जोरदार विस्तार, Zudio ने मारी बाजी
कंपनी की तेज विस्तार की रणनीति स्टोरों की संख्या में साफ दिखती है। Westside ने अपने सालाना लक्ष्य से आगे निकलते हुए 17 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोरों की संख्या 278 हो गई। वहीं, वैल्यू फैशन चेन Zudio ने 48 नए स्टोर जोड़े, जिससे यह 854 स्टोर्स तक पहुंच गया। Zudio का फोकस छोटे शहरों और माइक्रो-मार्केट पर रहा। मैनेजमेंट का कंपनी-ऑपरेटेड मॉडल को तरजीह देने का इरादा है, और उम्मीद है कि चौथे तिमाही में स्टोरों का जुड़ना और तेज होगा।
धीमी ग्रोथ के बावजूद विश्लेषकों का भरोसा बरकरार
एक तरफ जहां कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹5,260 करोड़ हो गया, वहीं फैशन सेगमेंट में LFL ग्रोथ मामूली रूप से निगेटिव रही। इस धीमी रफ्तार के पीछे गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) का ट्रांजिशन, त्योहारी सीजन का जल्दी आना और कमजोर कंज्यूमर सेंटिमेंट जैसे कारण माने जा रहे हैं। रेवेन्यू प्रति वर्ग फुट में भी 18% की सालाना गिरावट दर्ज की गई। इन चुनौतियों के बावजूद, ब्लूमबर्ग द्वारा किए गए पोल में 26 में से 18 विश्लेषकों ने Trent पर बुलिश रुख अपनाया है। उनका औसत एक साल का टारगेट प्राइस ₹4,727.77 है, जो मौजूदा ₹4,131.60 के स्तर से काफी ऊपर है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और 'Other Income' का कमाल
ग्रॉस मार्जिन में 29 बेसिस पॉइंट्स का मामूली विस्तार देखा गया, जबकि EBITDA मार्जिन में 194 बेसिस पॉइंट्स का सुधार ऑपरेटिंग लिवरेज के चलते संभव हुआ। ऑटोमेशन और टेक्नोलॉजी में निवेश, जैसे कि पैन-नेटवर्क रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) की तैनाती, ने सप्लाई चेन एफिशिएंसी और प्रोडक्टिविटी को बढ़ाया, जिससे मैनपावर ऑप्टिमाइजेशन में मदद मिली। 'Other Income' में 172% का ज़बरदस्त उछाल आया और यह ₹153 करोड़ तक पहुंच गया। इसका बड़ा श्रेय Zara India के शेयर बायबैक से मिली राशि को जाता है, जिसने प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 40% की सालाना बढ़त में योगदान दिया।
Star Bazaar की धीमी चाल, भविष्य में तेजी की उम्मीद
हाइपरमार्केट चेन Star Bazaar को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्टोर्स के अपग्रेड के कारण इस सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ मात्र 1% सालाना रही। मैनेजमेंट ने इस सेगमेंट में स्टोर जोड़ने की धीमी रफ्तार को स्वीकार किया है और भविष्य में इसे तेज करने की योजना है। लागत में कमी के लिए अब टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स में निवेश पर ज्यादा जोर दिया जाएगा, क्योंकि मैनपावर एफिशिएंसी को काफी हद तक हासिल किया जा चुका है।
