Indian Retailers: ₹4,000 करोड़ जुटाकर स्टोर एक्सपेंशन की तैयारी!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Retailers: ₹4,000 करोड़ जुटाकर स्टोर एक्सपेंशन की तैयारी!

भारत के बड़े रिटेल चेन स्टोर्स की संख्या तेजी से बढ़ा रहे हैं। इन कंपनियों ने ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा फंड जुटा लिया है। यह पेंडेमिक के बाद सबसे तेज एक्सपेंशन है, जिसका मकसद बड़े शहरों और छोटे कस्बों दोनों में अपनी पहुंच बढ़ाना और डिजिटल इंटीग्रेशन को मजबूत करना है।

Detailed Coverage

रिटेल सेक्टर में पैसों की बरसात!

भारतीय रिटेल सेक्टर में इस वक्त पूंजी का भारी निवेश देखा जा रहा है। कई बड़ी कंपनियों ने अपने फिजिकल स्टोर्स की संख्या तेजी से बढ़ाने के लिए ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा फंड जुटा लिया है। यह कोरोनावायरस महामारी के बाद सबसे बड़ा विस्तार अभियान है। कंपनियां बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं।

बड़े फंड जुटाने के राउंड्स

हाल की वित्तीय रिपोर्टों के अनुसार, टॉप रिटेल खिलाड़ी अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए डेट मार्केट (Debt Market) का सहारा ले रहे हैं। टाटा ग्रुप की Trent Limited ने शेयरधारकों से ₹2,500 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी मांगी है। इस पैसे का इस्तेमाल स्टोर विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इसी तरह, DMart चेन चलाने वाली Avenue Supermarts को बोर्ड से ₹1,000 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (Non-Convertible Debentures) जारी करने की मंजूरी मिली है। वहीं, Amazon और Samara Capital समर्थित More Retail ने हाल ही में HSBC से डिबेंचर की प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹500 करोड़ से अधिक जुटाए हैं।

फिजिकल और ओमनी-चैनल मॉडल की ओर झुकाव

कंपनियां जहां अपने फिजिकल स्टोर्स बढ़ा रही हैं, वहीं उनका एक बड़ा फोकस फिजिकल स्टोर्स को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ने का भी है, जिसे ओमनी-चैनल (Omni-channel) अप्रोच कहा जाता है। उदाहरण के लिए, Reliance Retail इस बदलाव के लिए अपने नॉन-करंट बैंक बॉरोइंग्स (Non-current bank borrowings) को बढ़ा रही है। कंपनी ने पहले ही 700 से ज़्यादा डार्क स्टोर्स (Dark Stores) का नेटवर्क बनाया है, जो ऑनलाइन ऑर्डर को तेजी से पूरा करने के लिए वेयरहाउस की तरह काम करते हैं। CFO दिनेश Taluja के अनुसार, लंबे समय तक ग्रोथ के लिए इन डीप मार्केट नेटवर्क्स में निवेश प्राथमिकता बनी हुई है।

सेक्टर में विस्तार का ट्रेंड

पिछले फाइनेंशियल ईयर में, Titan Company, Jubilant FoodWorks और V-Mart Retail जैसी 10 बड़ी लिस्टेड रिटेल कंपनियों ने कुल 2,182 नए स्टोर्स खोले हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 25% की बढ़ोतरी है। यहां तक कि Arvind Fashions जैसे मझोले खिलाड़ी भी इस ट्रेंड में योगदान दे रहे हैं, जिनकी अगले फाइनेंशियल ईयर में 150,000 स्क्वायर फीट रिटेल स्पेस जोड़ने की योजना है।

निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें: डेट और कैश फ्लो

हालांकि विस्तार को आत्मविश्वास का संकेत माना जाता है, लेकिन इसमें वित्तीय जोखिम भी शामिल हैं जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। डेट के जरिए कैपिटल स्पेंडिंग बढ़ाने का मतलब है कि इन कंपनियों को ज्यादा इंटरेस्ट कॉस्ट (Interest Cost) देनी होगी, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। खासकर, जो बिजनेस भारी निवेश कर रहे हैं और अभी भी निगेटिव कैश फ्लो (Negative Cash Flow) में हैं, उन्हें लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखने के लिए अपने डेट का सावधानीपूर्वक प्रबंधन करना होगा। निवेशकों के लिए आगे सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि क्या ये नए स्टोर्स और डिजिटल निवेश, बढ़े हुए उधार की लागत और पूंजीगत खर्च की भरपाई करने के लिए पर्याप्त सेल्स ग्रोथ ला पाते हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.