सोने की आग और ग्राहकों की मजबूरी
आसमान छूते सोने के भाव, जो ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम को पार कर जनवरी 2026 के अंत तक लगभग ₹1.8 लाख तक पहुँच गए थे, ने भारतीय उपभोक्ताओं के गहने खरीदने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। Titan की जानी-मानी ज्वेलरी ब्रांड Tanishq की मानें तो, आजकल लगभग आधे से ज़्यादा सेल्स में ग्राहक अपने पुराने सोने के गहनों को एक्सचेंज (trade) करके नए, हल्के डिज़ाइन खरीद रहे हैं। यह Titan के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे मंहगाई के बावजूद बिक्री बनी रहती है। कंपनी ने यह भी देखा है कि ग्राहक अब 18-कैरेट जैसे हल्के सोने के गहने और कम कैरेट वाले डायमंड (9- और 14-कैरेट) की तरफ ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं।
LGD बाजार में Titan की बड़ी छलांग
दूसरी ओर, Titan अपने Lab-Grown Diamond (LGD) सेगमेंट में 'be Yon' ब्रांड के ज़रिए एक बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य भारत में डायमंड के कम इस्तेमाल (penetration rate करीब 10-12%) को बढ़ाना है। LGDs, नेचुरल डायमंड्स के मुकाबले काफी सस्ते होते हैं, जिससे ये आम आदमी की पहुँच में आ जाते हैं। Titan की सोच है कि शुरुआत LGD से कराई जाए और बाद में ग्राहकों को प्रीमियम नेचुरल डायमंड्स की ओर मोड़ा जाए।
बाजार की रिपोर्ट्स बताती हैं कि LGDs 2024 में 12% की हिस्सेदारी से बढ़कर 2029 तक ग्लोबल डायमंड मार्केट का करीब 16% हिस्सा बन सकते हैं। भारत में LGD मार्केट का मौजूदा मूल्य ₹3,452 करोड़ ($400 मिलियन) है और यह 2028 तक ₹5,179 करोड़ ($600 मिलियन) तक पहुँचने की उम्मीद है। वहीं, ग्लोबल LGD मार्केट 2032 तक $8.31 बिलियन तक पहुँच सकता है, जिसमें 13.73% की सालाना ग्रोथ (CAGR) देखने को मिल सकती है।
Titan के ज्वेलरी सेगमेंट ने Q3 FY25-26 में पिछले साल के मुकाबले 41% की ज़बरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जिसमें डोमेस्टिक ग्रोथ 38% रही। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से सोने की बढ़ी कीमतों के चलते एवरेज सेलिंग प्राइस (ASP) बढ़ने से हुई है, हालांकि ग्राहकों की संख्या में ज़्यादा बढ़ोतरी नहीं दिखी। कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग मार्जिन Q2 FY2025 में 8.7% था, जबकि नॉर्मलाइज्ड EBIT मार्जिन 11.4% था। Q2 FY2025-2026 के अनुमान के अनुसार, नेट प्रॉफिट मार्जिन 5.95% रह सकता है।
मजबूत फंडामेंटल्स और मैनेजमेंट की कमान
Titan की इस पूरी रणनीति को उसके मजबूत फंडामेंटल्स का सहारा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹3,67,583 करोड़ है और यह 89-96x के P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू ₹57,818 करोड़ रहा था। एनालिस्ट्स का भरोसा भी Titan पर बना हुआ है, जिन्होंने 'Buy' रेटिंग के साथ शेयर का टारगेट प्राइस औसतन ₹4,500-₹4,650 रखा है। जनवरी 2026 से अरुण नारायण ने ज्वेलरी डिवीजन के CEO का पद संभाला है, जो टाटा ग्रुप में लगभग तीन दशक का अनुभव रखते हैं और 2020 से Tanishq India का नेतृत्व कर रहे थे। उनकी नियुक्ति इस दोहरी रणनीति को आगे बढ़ाने में अहम साबित होगी।
इन जोखिमों पर भी नज़र रखना ज़रूरी
हालांकि Titan की रणनीति दमदार दिख रही है, लेकिन कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो सितंबर 2025 तक बढ़कर 2.23 हो गया है, जो FY24 के 0.4 से काफी ज़्यादा है। ऐसे में अगर रेवेन्यू ग्रोथ धीमी पड़ती है या ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो मुनाफे पर दबाव आ सकता है। सेल्स तो बढ़ रही है, लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में थोड़ी कमी देखी जा रही है।
LGDs में आक्रामक बढ़त से कंपनी के महंगे नेचुरल डायमंड्स की बिक्री पर असर पड़ सकता है। साथ ही, कल्याण ज्वेलर्स, सेंको गोल्ड और मलप्पुरम गोल्ड जैसे बड़े खिलाड़ी भी इस रेस में शामिल हैं, जो Titan के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। भारत में ऐतिहासिक रूप से सोने को वैल्यू स्टोर (store-of-value) के तौर पर देखा जाता है, ऐसे में LGDs की ओर बड़ा और तेज़ बदलाव उम्मीद से धीमा भी हो सकता है।
आगे का रास्ता
कुल मिलाकर, Titan Company का भविष्य का आउटलुक (outlook) सतर्कता के साथ सकारात्मक बना हुआ है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी की मजबूत ब्रांड वैल्यू और स्ट्रैटेजिक डाइवर्सिफिकेशन (diversification) उसे आगे बढ़ाएगा। ऊंची सोने की कीमतों के दबाव को एक्सचेंज प्रोग्राम से झेलना और साथ ही तेज़ी से बढ़ते LGD मार्केट में पैर जमाना, Titan के लिए महत्वपूर्ण होगा। भारतीय ज्वेलरी मार्केट में लगातार ग्रोथ की उम्मीद है, और LGD सेगमेंट तो भविष्य में Titan के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया साबित हो सकता है, बशर्ते कंपनी कॉम्पिटिशन और मार्जिन को ठीक से मैनेज कर सके।
