Titan के शेयरों में आज **2%** की तेजी देखने को मिली। इसकी वजह कंपनी के ज्वैलरी डिवीजन में जून तिमाही में **39%** की जोरदार ग्रोथ रही। वहीं, कल्याण जूलर्स के शेयर **7%** गिरे, भले ही कंपनी ने भारत में **38%** रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की हो। यह अंतर बताता है कि कैसे कॉम्पिटिशन वाले ज्वैलरी सेक्टर में तिमाही नतीजों पर मार्केट अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहा है।
टाइटन के कारोबार में दिखी चमक!
Titan Company के शेयरों में 2% का उछाल तब आया जब कंपनी ने जून तिमाही में अपने मुख्य बिजनेस सेगमेंट्स में मजबूत ग्रोथ का ऐलान किया। कंपनी ने बताया कि उसके ज्वैलरी डिवीजन ने रेवेन्यू में 39% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो कि कुल कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, वॉच (Watch) और आईवियर (Eyewear) सेगमेंट में भी 23% की ग्रोथ देखी गई, जबकि डोमेस्टिक ऑपरेशंस 37% बढ़े। कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशंस में 128% की तेज बढ़ोतरी हुई, हालांकि यह अभी कुल रेवेन्यू का छोटा हिस्सा है।
कल्याण जूलर्स का उल्टा हाल
इसके विपरीत, Kalyan Jewellers India Limited के शेयर 7% तक गिर गए, जबकि कंपनी ने इसी अवधि के लिए सेहतमंद नतीजे पेश किए थे। कल्याण जूलर्स ने बताया कि उसके भारतीय ऑपरेशंस में 38% से ज्यादा का रेवेन्यू ग्रोथ हुआ, जिसमें सेम-स्टोर सेल्स में 28% की बढ़ोतरी का बड़ा योगदान रहा। कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस में भी 35% की ग्रोथ दर्ज की गई। शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट यह दर्शाती है कि हो सकता है निवेशकों ने ऊंची उम्मीदें लगाई हों या फिर भारत में गोल्ड और डायमंड ज्वैलरी मार्केट की कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए मार्जिन की स्थिरता को लेकर चिंताएं हों।
अन्य शेयरों में हलचल
बाजार में दूसरी हलचलें भी देखने को मिलीं। South West Pinnacle Exploration Limited के शेयर 4% से अधिक चढ़े। कंपनी को Reliance Industries से मध्य प्रदेश में कोल बेड मीथेन (CBM) सर्विसेज के लिए ₹167 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन मिला है।
वहीं, फार्मा सेक्टर में JB Chemicals & Pharmaceuticals और Torrent Pharmaceuticals के शेयर ऊपर गए। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की अहमदाबाद बेंच ने दोनों कंपनियों के मर्जर को मंजूरी दे दी है। यह एक अहम रेगुलेटरी अप्रूवल है, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास ऑफिशियल ऑर्डर फाइल होने के बाद फाइनल होगा।
इसके अलावा, Varun Beverages Limited के शेयर लगभग 2% गिरे। कंपनी ने केन्या में $32 मिलियन, यानी करीब ₹305 करोड़ का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। इसकी सब्सिडियरी VBL Industries, केन्या की Devyani Food Industries (Kenya) के डेयरी बेवरेजेस, जूस और पैक्ड वॉटर बिजनेस को खरीदेगी। निवेशक अक्सर ऐसे विदेशी विस्तार को कंपनी के कर्ज स्तर और नए एसेट्स को इंटीग्रेट करने से पड़ने वाले कैश फ्लो प्रेशर पर असर के लिए ट्रैक करते हैं।
आगे क्या?
Titan और Kalyan Jewellers के लिए, आने वाले तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स अगले बड़े मॉनिटर होंगे। निवेशक देखेंगे कि क्या रिपोर्ट की गई रेवेन्यू ग्रोथ स्थिर प्रॉफिट मार्जिन में तब्दील होती है, खासकर जब गोल्ड जैसी कच्ची धातुओं की कीमतें लगातार ऊपर-नीचे हो रही हैं। मैनेजमेंट की ओर से वेडिंग और फेस्टिव सीजन की डिमांड ट्रेंड्स पर कोई भी कमेंट्री अहम रहेगी।
