Titan Company के शेयरों में आज तूफानी तेजी देखी गई, शेयर **52-हफ्ते की नई ऊंचाई** पर पहुंच गए। कंपनी ने तिमाही नतीजों में **63%** की शानदार ग्रोथ दर्ज की है, जिसके बाद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने शेयर के लिए **₹5,408** का नया टारगेट सेट किया है।
Titan के शेयर में क्यों आई तूफानी तेजी?
Titan Company के शेयर ₹5,121.30 के स्तर पर पहुंच गए, जो कि पिछले 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर है। इस उछाल की मुख्य वजह कंपनी के पहली तिमाही (FY27) के शानदार नतीजे रहे। बाजार को कंपनी के प्रदर्शन ने काफी उत्साहित किया है।
दमदार तिमाही नतीजे
कंपनी ने इस तिमाही में ₹1,777 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 63% ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह ₹21,356 करोड़ तक पहुंच गया। सोने के आयात पर कस्टम ड्यूटी में हुए बदलाव से कंपनी को ₹407 करोड़ का फायदा हुआ। टाइटन का ज्वेलरी बिजनेस, जो कुल बिक्री का करीब 90% हिस्सा है, इस ग्रोथ का मुख्य जरिया बना रहा। 'अधिक मास' जैसे मुश्किल समय और ग्राहकों की बदलती सोच के बावजूद कंपनी ने अपना दबदबा कायम रखा।
ब्रोकरेज हाउस का बुलिश रुख
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Titan के शेयर पर अपना भरोसा जताया है। उन्होंने 'Sum of the Parts' वैल्यूएशन मॉडल के आधार पर शेयर के लिए ₹5,408 का नया टारगेट प्राइस दिया है। इस मॉडल में कंपनी की ज्वेलरी बिजनेस, सब्सिडियरी Caratlane और TEAL (मशीन ऑटोमेशन और एयरोस्पेस प्रोजेक्ट्स) का वैल्यूएशन शामिल है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले कुछ सालों में अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में 25.6% की तगड़ी CAGR ग्रोथ देखने को मिल सकती है। एनालिस्ट्स का मानना है कि संगठित ज्वेलरी बाजार में Titan की मार्केट शेयर बढ़ाने की क्षमता इसकी सबसे बड़ी ताकत बनी रहेगी।
निवेशकों के लिए ध्यान रखने योग्य बातें
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। Titan के शेयर फिलहाल काफी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, जिनका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 75-78 के बीच है। इसका मतलब है कि शेयर की मौजूदा कीमत में भविष्य की ग्रोथ पहले से ही शामिल है, ऐसे में किसी भी गलती की गुंजाइश कम है। इसके अलावा, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर कंपनी के नतीजों को प्रभावित कर सकता है। रत्नों और आभूषणों से जुड़े नियमों में कोई बदलाव या संगठित रिटेल सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी मार्जिन पर असर डाल सकती है।
आने वाले समय में, शेयरधारकों की नजर सोने की कीमतों की स्थिरता पर रहेगी। यह देखना भी अहम होगा कि ज्वेलरी सेगमेंट अगले क्वार्टर में अपने 11% ऑपरेटिंग मार्जिन को बनाए रख पाता है या नहीं। TEAL के ऑर्डर बुक एग्जीक्यूशन और नए बिजनेस से होने वाली कमाई पर भी निवेशकों की नजरें टिकी रहेंगी।
