Titan Company अपने नए लैब-ग्रोन डायमंड ब्रांड 'beYon' के मामले में काफी सतर्कता बरत रही है। ग्लोबल मार्केट में सिंथेटिक डायमंड की कीमतों में गिरावट को देखते हुए कंपनी ने इसके रिटेल फुटप्रिंट को फिलहाल सीमित रखा है।
बाजार में क्या है रणनीति?
दिसंबर 2025 में लॉन्च किए गए 'beYon' को लेकर Titan कोई भी जल्दबाजी करने के मूड में नहीं है। कंपनी के पास कुल 3,700 से ज्यादा स्टोर्स का नेटवर्क है, लेकिन इस नए ब्रांड को अभी सिर्फ 12 चुनिंदा आउटलेट्स पर ही टेस्ट किया जा रहा है। इसका मकसद केवल ब्रांड की सुरक्षा और ग्राहकों की रुचि को समझना है।
क्यों है चुनौती?
भारत और चीन जैसे देशों में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने के कारण लैब-ग्रोन डायमंड की होलसेल कीमतों में तेजी से गिरावट आ रही है। इस माहौल में Titan ने एक बड़ा फैसला लिया है: उन्होंने 'beYon' को नेचुरल डायमंड के सस्ते विकल्प के तौर पर पेश करने के बजाय, इसे 'फैशन ज्वेलरी' की तरह मार्केट किया है। कंपनी ने इसमें यूनिक डिजाइन और वाइब्रेंट कलर्ड स्टोन्स पर जोर दिया है।
रिस्क और निवेशकों के लिए संकेत
Limelight, Aukera और Goldiam International के 'Origem' जैसे प्रतिस्पर्धियों के विपरीत, Titan ने 'beYon' पर किसी तरह की लाइफटाइम बायबैक या एक्सचेंज पॉलिसी नहीं दी है। यह साफ संदेश है कि कंपनी इसे लंबे समय की संपत्ति नहीं, बल्कि फैशन खरीदारी मानती है।
निवेशकों के लिए नजर रखने वाली बात यह है कि क्या गिरती कमोडिटी कीमतों के दौर में ग्राहक इसके प्रीमियम डिजाइन को स्वीकार करेंगे? फिलहाल Titan का पूरा ध्यान मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में इस मॉडल को सफल बनाने पर है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कंपनी का मुख्य नेचुरल डायमंड बिजनेस इससे प्रभावित न हो।
