Titan Company ने विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने के लिए 'Vetra' नाम से अपने ऑटोमैटिक वॉच मूवमेंट्स पेश किए हैं। कंपनी का लक्ष्य इस साल ऑटोमैटिक वॉच सेल्स को **₹350 करोड़** तक ले जाने का है, जो निवेशकों के लिए लॉन्ग टर्म में एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग की ओर बड़ा कदम
Titan ने अपने प्रीमियम वॉच बिजनेस को नई रफ्तार देने के लिए 'Vetra' ब्रांड को उतारा है। अब कंपनी खुद मैकेनिकल कंपोनेंट्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर करेगी, जिससे विदेशी सप्लायर्स पर लंबे समय से चली आ रही निर्भरता खत्म हो जाएगी। इससे कंपनी भारतीय ग्राहकों की पसंद के हिसाब से घड़ियां तैयार कर सकेगी।
मार्केट का गणित और ग्रोथ
भारत का वॉच मार्केट कुल ₹25,000 करोड़ का है, जिसमें ऑटोमैटिक सेगमेंट करीब ₹3,000 करोड़ का है। Titan का फोकस ₹25,000 से ज्यादा कीमत वाली घड़ियों पर है। इस सेगमेंट में 35% की तेजी देखने को मिल रही है। पिछले साल ₹275 करोड़ की तुलना में इस साल कंपनी का लक्ष्य ₹350 करोड़ की सेल्स हासिल करना है।
टेक्निकल अपग्रेड और प्रतिस्पर्धा
नई 'Vetra' मूवमेंट्स में 72 घंटे का पावर रिजर्व दिया गया है, जो पहले के 40 घंटे की लिमिट से कहीं बेहतर है। इससे Titan अब सीधे तौर पर Seiko और स्विस वॉच मेकर्स जैसी दिग्गज ग्लोबल कंपनियों को टक्कर देने की स्थिति में आ गई है।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
इस कदम से भविष्य में मार्जिन में सुधार की उम्मीद है, लेकिन शुरुआत में R&D पर होने वाला भारी खर्च शॉर्ट टर्म प्रॉफिट पर दबाव बना सकता है। इसके अलावा, लक्जरी सेगमेंट में discretionary स्पेंडिंग और ग्लोबल ब्रांड्स से मिल रही कड़ी टक्कर पर भी नजर रखना जरूरी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय उपभोक्ता 'Vetra' को अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के मुकाबले कितनी वैल्यू देते हैं।
