Titan Company अब अपने प्रीमियम पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए नई लक्जरी वॉच ब्रांड्स को खरीदने पर विचार कर रही है। कंपनी का फोकस उस हाई-एंड सेगमेंट पर है जहाँ मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि एंट्री-लेवल घड़ियों की बिक्री सुस्त बनी हुई है।
एक्विजिशन के जरिए विस्तार की रणनीति
Titan अपनी मार्केट पकड़ मजबूत करने के लिए छोटी और उभरती हुई वॉच कंपनियों को खरीदने की तैयारी कर रही है। यह रणनीति वैसी ही है जैसी कंपनी ने ज्वेलरी सेक्टर में CaratLane के साथ अपनाई थी। कंपनी अब खुद सब कुछ शून्य से बनाने के बजाय ब्रांड्स को खरीदकर तेजी से लक्जरी मार्केट में अपनी पैठ बनाना चाहती है।
टेक्नोलॉजी और कॉम्पिटिशन
हाल ही में कंपनी ने अपना खुद का वॉच मूवमेंट प्लेटफॉर्म 'Vetra' लॉन्च किया है। अपनी कोर टेक्नोलॉजी तैयार करने के बाद अब Titan का इरादा वैल्यू चेन में ऊपर जाने का है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय वॉचमेकर्स को कड़ी टक्कर दे सके।
मार्केट का बदलता मिजाज
मौजूदा डिमांड ट्रेंड्स को देखें तो ₹1,000 से कम कीमत वाली एंट्री-लेवल घड़ियों की मांग बहुत सुस्त है, जो दिखाता है कि बजट ग्राहकों ने अपनी जेब कसी है। इसके उलट प्रीमियम और लक्जरी सेगमेंट में तेजी है। इस बदलाव को देखते हुए Titan अब अपना मार्जिन सुधारने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स पर जोर दे रही है।
'Helios' का मिलेगा साथ
कंपनी का रिटेल चेन 'Helios' इस रणनीति के लिए एक मजबूत बैकबोन साबित होगा। यह चेन पहले से ही Tommy Hilfiger और Roamer जैसे ब्रांड्स को बेच रही है, जिससे नई कंपनियों को अपने नेटवर्क में शामिल करना Titan के लिए आसान होगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इनऑर्गेनिक ग्रोथ यानी कंपनियों को खरीदना जितना फायदेमंद है, उतना ही जोखिम भरा भी है। एक बड़ी कंपनी में नए ब्रांड्स को इंटीग्रेट करना बड़ी चुनौती होती है। साथ ही, लक्जरी सामान की मांग आर्थिक परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील होती है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि Titan नए ब्रांड्स को कितनी कुशलता से संभालती है और फेस्टिव सीजन में लक्जरी सेगमेंट का प्रदर्शन कैसा रहता है।
