Imperial Blue (IB) के अधिग्रहण ने Tilaknagar Industries (TI) के लिए एक नई सुबह ला दी है। 30 नवंबर, 2025 को IB का इंटीग्रेशन पूरा होने के बाद, यह कंपनी के नतीजों में साफ झलक रहा है। IB के स्वामित्व में आने के पहले ही महीने में 1.8 मिलियन केस बेचे गए, जिसने तिमाही के लिए कुल वॉल्यूम को 76.1% बढ़ाकर 5.3 मिलियन केस कर दिया। इस मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ ने कंपनी के रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल को पंख लगाए।
फाइनेंशियल डीप डाइव
कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल्स में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंपनी का रिपोर्टेड एबिटडा (EBITDA) 82.3% बढ़कर ₹110 करोड़ रहा। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस तिमाही में ₹169 करोड़ का एक बड़ा एक्सेप्शनल खर्च (Exceptional Expense) दर्ज किया गया। यह खर्च IB अधिग्रहण से जुड़े ट्रांजैक्शन कॉस्ट और Pernod Ricard से ट्रांजिशन सर्विसेज (TSMA) के लिए भुगतान से संबंधित था। इन एकमुश्त खर्चों और सब्सिडी को एडजस्ट करने के बाद, एडजस्टेड एबिटडा ₹90 करोड़ रहा, जो 49.6% की वृद्धि दर्शाता है। इस दौरान मार्जिन 14% पर था। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में, नेट रेवेन्यू 43.1% बढ़कर ₹1,471 करोड़ हो गया, जबकि एडजस्टेड एबिटडा 28.5% बढ़ा।
मार्जिन एक्सपेंशन की योजना
कंपनी मार्जिन बढ़ाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है। मैनेजमेंट का प्लान है कि अगले दो सालों में कॉस्ट कटिंग और ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करके IB के मार्जिन में 250-350 बेसिस पॉइंट्स (bps) का सुधार किया जाए। Pernod Ricard से TSMA सपोर्ट का फेज्ड एग्जिट भी प्लान किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य Q4 FY26 तक पूरा इंटीग्रेशन करना है। अगले 2-3 सालों में कंसोलिडेटेड एबिटडा मार्जिन में 150-250 bps का विस्तार होने की उम्मीद है।
रिस्क और आउटलुक
इस सकारात्मक ग्रोथ के बावजूद, TI के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। तेलंगाना सरकार से मिलने वाले बकाए (receivables) चिंता का विषय हैं, हालांकि कंपनी इस पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि महाराष्ट्र में नए लिकर पॉलिसी (Maharashtra Made Liquor - MML) के आने से इस प्रमुख बाजार में Prestige कैटेगरी में लगभग 25% की गिरावट आई है, जिसने IB के प्रदर्शन को प्रभावित किया है। यह मामला फिलहाल विचाराधीन (sub-judice) है।
कर्ज प्रबंधन और भविष्य की राह
कर्ज के मोर्चे पर, TI ने ₹2,100 करोड़ का नया फंड जुटाया है, जिसकी अवधि 6 साल है और इसमें 2 साल का प्रिंसिपल मोरेटोरियम शामिल है। कंपनी का लक्ष्य FY29 तक अपने नेट डेट-टू-एबिटडा रेशियो को 1.0x से नीचे लाना है। प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए शेयर जारी करने से भी इसकी कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूती मिली है। आगे चलकर, TI को उम्मीद है कि FY27 में संयुक्त इकाई के लिए वॉल्यूम ग्रोथ हाई-सिंगल से लो-डबल डिजिट में रहेगी, और उसके बाद लो-डबल डिजिट में वृद्धि जारी रहेगी। अपने लग्जरी व्हिस्की, 'सेवन आइलैंड्स प्योर माल्ट' को लॉन्च करना और प्राग बॉटलिंग यूनिट का विस्तार करना प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम हैं।
पीयर कंपेरिजन
Tilaknagar Industries की यह अधिग्रहण-संचालित आक्रामक ग्रोथ स्ट्रैटेजी इसे United Spirits (Diageo India) और Radico Khaitan जैसे स्थापित प्लेयर्स के साथ सीधे मुकाबले में खड़ा करती है। जहां United Spirits ने अपने प्रीमियम पोर्टफोलियो और मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन के दम पर लगातार दमदार प्रदर्शन किया है, वहीं Radico Khaitan ने भी प्रीमियम सेगमेंट का लाभ उठाया है। TI का IB अधिग्रहण उसके ऑपरेशंस और मार्केट शेयर को तेजी से बढ़ाने का एक साहसिक प्रयास है। यह सेक्टर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का गवाह है, खासकर प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट में, जहां TI अब अपनी मजबूत स्थिति बनाने का लक्ष्य रखती है। अन्य प्रतिस्पर्धी भी पूरे भारत में अपने प्रोडक्ट ऑफरिंग्स और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।