ति ngờ इंडस्ट्रीज के शानदार नतीजे
Imperial Blue (IB) के सफल अधिग्रहण के बाद Tilaknagar Industries लिमिटेड ने Q3 FY26 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 95.0% बढ़कर ₹664 करोड़ पर पहुंच गया। इस बड़ी तेजी की मुख्य वजह अधिग्रहण किए गए बिजनेस से मिली वॉल्यूम ग्रोथ रही, जो 76.1% बढ़कर 53.1 लाख केस दर्ज की गई।
कंपनी का EBITDA भी 82.3% बढ़कर ₹110 करोड़ रहा। हालांकि, PAT (Profit After Tax) में 40.1% की मामूली बढ़ोतरी के साथ ₹76 करोड़ का आंकड़ा छूआ, जो कि कुछ खास खर्चों और इंटीग्रेशन कॉस्ट की वजह से रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में थोड़ी कम रही।
इस फाइनेंशियल ईयर की पहली नौ महीनों (9M FY26) में भी कंपनी की ग्रोथ बरकरार रही। इस दौरान नेट रेवेन्यू 43.1% बढ़कर ₹1,471 करोड़ और वॉल्यूम 40.5% बढ़कर 119.3 लाख केस रहे। EBITDA में 50.0% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹265 करोड़ रहा।
आगे की स्ट्रेटेजी क्या है?
Tilaknagar Industries का लक्ष्य IB अधिग्रहण के जरिए खुद को एक बड़ी इंडियन Made Foreign Liquor (IMFL) कंपनी के तौर पर स्थापित करना है। मैनेजमेंट की प्राथमिकताओं में IB को वापस अपने पुराने दबदबे वाली पोजीशन में लाना है, ताकि यह भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली व्हिस्की बन सके। कंपनी अपनी ब्रांडेड व्हिस्की के वॉल्यूम में सालाना 10-15% की ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कंपनी का एक अहम वित्तीय लक्ष्य अगले 2 से 3 सालों में अपने कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन को 150-250 बेसिस पॉइंट तक बढ़ाना है। वहीं, अधिग्रहित बिजनेस के मार्जिन को 225-350 बेसिस पॉइंट तक बढ़ाने का लक्ष्य है। इन मार्जिन सुधारों के साथ-साथ कंपनी A&SP (Above & Below the Line) पहलों पर भी ध्यान देगी।
प्रीमियम सेगमेंट पर भी कंपनी का खास फोकस है। IB के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल करके प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम प्रोडक्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा। 'Seven Islands Pure Malt Whisky' जैसे नए प्रोडक्ट्स का लॉन्च इसी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है।
कर्ज घटाने और मार्जिन बढ़ाने के लक्ष्य
कंपनी ने जल्द से जल्द कर्ज कम करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसका लक्ष्य FY29 तक नेट डेट टू EBITDA रेशियो को 1.0x से नीचे लाना है।
Q3 FY26 में, सब्सिडी इनकम को एडजस्ट करने के बाद, EBITDA मार्जिन 14.0% रहा। कंपनी आने वाले समय में इसे 150-250 बेसिस पॉइंट तक बढ़ाने की उम्मीद कर रही है।
रिस्क और आगे का नज़रिया
Imperial Blue के अधिग्रहण से मिली तालमेल (Synergies) और इंटीग्रेशन की सफलता कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। किसी भी तरह की देरी या लागत में बढ़ोतरी मार्जिन बढ़ाने के लक्ष्यों पर असर डाल सकती है। साथ ही, कॉम्पिटिटिव मार्केट में IB को लीडरशिप दिलाना भी आसान नहीं होगा।
आउटलुक: मैनेजमेंट का मानना है कि Q3 FY26 एक नए ग्रोथ फेज की शुरुआत है। कंपनी बेहतर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस और एफिशिएंट ऑपरेशंस के दम पर मार्केट शेयर बढ़ाने और प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने के लिए तैयार है। इन्वेस्टर्स वॉल्यूम ग्रोथ, मार्जिन में सुधार और कर्ज घटाने की दिशा में कंपनी की प्रगति पर नजर रखेंगे।