Tilaknagar Industries के दूसरी तिमाही के नतीजों में नेट प्रॉफिट **57.7%** गिरकर **₹22.26 करोड़** रहा। इसकी मुख्य वजह Imperial Blue ब्रांड को खरीदने के दौरान हुआ वन-टाइम खर्च है, जबकि कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में **160%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुनाफे पर दबाव, पर बिजनेस में दम
Tilaknagar Industries ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹52.67 करोड़ से घटकर इस बार ₹22.26 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, यह गिरावट बिजनेस की कमजोरी नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा Pernod Ricard India से 'Imperial Blue' ब्रांड को खरीदने के चलते हुए ₹10.94 करोड़ के वन-टाइम खर्च के कारण आई है।
रेवेन्यू में रिकॉर्ड ग्रोथ
मुनाफे के आंकड़े भले ही कमजोर दिखें, लेकिन कंपनी की टॉप-लाइन बेहद मजबूत रही है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹896.92 करोड़ से छलांग लगाकर ₹2,437.55 करोड़ के पार पहुंच गया है। सेल्स वॉल्यूम में 160% की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो अब 8.9 मिलियन (नौ-लीटर केसेस) के स्तर पर पहुंच गई है।
क्या है मैनेजमेंट की राय?
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमित डहानुकर के अनुसार, सेकेंडरी मार्केट (उपभोक्ताओं की मांग) में मांग काफी मजबूत बनी हुई है। केवल Imperial Blue ब्रांड ने ही सेकेंडरी सेल्स में 8.5% का योगदान दिया है। कंपनी की मार्केट शेयर में 100 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह साबित करता है कि कंपनी अपने पोर्टफोलियो को मजबूती से फैला रही है।
आगे की राह
निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि जब ये वन-टाइम इंटीग्रेशन खर्च खत्म हो जाएंगे, तो कंपनी का मार्जिन कितना सुधरता है। 'Mansion House Brandy' की ताकत और 'Imperial Blue' के वॉल्यूम के दम पर कंपनी अपनी मार्केट पोजीशन को और मजबूत करने की कोशिश में है। आने वाले क्वार्टर्स में कॉस्ट मैनेजमेंट और मुनाफे की रिकवरी पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
