Imperial Blue को **₹4,150 करोड़** में खरीदने के बाद Tilaknagar Industries अब प्रीमियम स्पिरिट्स सेगमेंट में नई कंपनियों को खरीदने की तैयारी कर रही है। Q1 में कंपनी ने **₹1,046 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है और मैनेजमेंट का लक्ष्य मार्च 2027 तक कर्ज को घटाकर **₹1,700 करोड़** तक लाना है।
प्रीमियम सेगमेंट पर बड़ा दांव
Tilaknagar Industries ने संकेत दिए हैं कि वह भारतीय स्पिरिट्स मार्केट में और विस्तार के लिए कमर कस चुकी है। Pernod Ricard से Imperial Blue ब्रांड का अधिग्रहण करने के बाद, कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमित दहानुकर ने बताया कि अब उनका फोकस 'प्रीमियम और लक्जरी क्राफ्ट स्पिरिट्स' सेगमेंट पर है। यह कंपनी की रणनीति में एक बड़ा बदलाव है, जो अब तक मुख्य रूप से ब्रांड (Brandy) पोर्टफोलियो पर टिकी थी।
फाइनेंशियल हेल्थ और डेट मैनेजमेंट
30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के नतीजे बताते हैं कि कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,046 करोड़ रहा है, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) ₹169 करोड़ रहा और मार्जिन 16.1% दर्ज किया गया। कर्ज को मैनेज करना कंपनी की प्राथमिकता है; फिलहाल कंपनी का नेट डेट ₹2,100 करोड़ है, जिसे मार्च 2027 तक ₹1,700 करोड़ के स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा गया है।
बढ़ती लागत और मार्जिन का दबाव
ग्रोथ की राह में कंपनी को बढ़ती इनपुट कॉस्ट का सामना करना पड़ रहा है, खासकर पैकेजिंग मटेरियल और कांच की कीमतों में उछाल के कारण। इससे निपटने के लिए कंपनी ने तेलंगाना जैसे प्रमुख बाजारों में कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है। उम्मीद है कि इन उपायों से मार्जिन में 150 से 200 बेसिस पॉइंट्स का सुधार देखने को मिल सकता है।
आगे चलकर निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या कंपनी अपनी प्रीमियम रणनीति को सफलतापूर्वक लागू कर पाती है और बढ़ती लागत के बीच वॉल्यूम ग्रोथ को कैसे बरकरार रखती है।
