Q3 FY26 में Thomas Scott India का जलवा
Q3 FY26 के नतीजों में Thomas Scott India ने कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 46% बढ़कर ₹66 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 67% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह ₹5 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA भी 41% बढ़कर ₹8 करोड़ दर्ज किया गया, जिससे EBITDA मार्जिन 11.92% पर बना हुआ है।
नौ महीनों का शानदार प्रदर्शन
इसी तरह, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों (Nine Months) के दौरान, रेवेन्यू 56% की मजबूत बढ़त के साथ ₹177 करोड़ रहा। इस अवधि में EBITDA 75% उछलकर ₹22 करोड़ हो गया, और मार्जिन सुधरकर 12.65% हो गया। नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 82% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹13 करोड़ तक पहुंच गया।
ग्रोथ के मुख्य फैक्टर
कंपनी की 'Thomas Scott' ब्रांड पर फोकस करने की रणनीति रंग ला रही है। इस सेगमेंट से रेवेन्यू अकेले 91% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया। वहीं, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग (Contract Manufacturing) बिज़नेस का योगदान 113% बढ़कर ₹5 करोड़ रहा। विंटर वियर कलेक्शन (Winter Wear Collection) ने भी Q3 के रेवेन्यू में 15-20% का महत्वपूर्ण योगदान दिया, खासकर दिसंबर में यह 35% तक पहुंच गया।
सामने आईं चुनौतियां
इन शानदार नतीजों के बीच, कंपनी को कुछ परिचालन (Operational) चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। 25 नवंबर 2025 को भिवंडी (Bhiwandi) स्थित कंपनी के वेयरहाउस (Warehouse) में आग लगने से इन्वेंटरी (Inventory) और फिक्स्ड एसेट्स (Fixed Assets) का नुकसान हुआ। बीमा क्लेम (Insurance Claim) को एडजस्ट करने के बाद, करीब ₹31.22 लाख का नेट राइट-ऑफ (Net Write-off) बुक किया गया, जबकि नुकसान वाली इन्वेंटरी का मूल्य लगभग ₹21.85 करोड़ था।
इसके अलावा, ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) का बढ़ना भी एक चर्चा का विषय रहा। यह FY25 के ₹57 करोड़ से बढ़कर H1 FY26 में ₹71 करोड़ हो गया। मैनेजमेंट का कहना है कि B2B2C मॉडल, ग्राहक रिटर्न (Customer Returns) और दिसंबर में बिक्री का ज्यादा कंसंट्रेशन (Concentration) जैसे कारणों से यह बढ़ोतरी हुई है। त्योहारी सीजन में मार्केटिंग पर ज्यादा खर्च करने के कारण 'अन्य खर्च' (Other Expenses) में भी वृद्धि देखी गई।
आगे की राह और लक्ष्य
कंपनी को उम्मीद है कि यह ग्रोथ का सिलसिला जारी रहेगा। प्रबंधन (Management) का लक्ष्य EBITDA मार्जिन को 12% से 15% के बीच पहुंचाना है। कंपनी अपनी 'डिजिटल-फर्स्ट' (Digital-first), डेटा-संचालित फैशन कंपनी (Data-driven Fashion Company) की रणनीति पर मजबूती से आगे बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए ध्यान रखने योग्य बातें
भविष्य में, निवेशकों को कंपनी के वर्किंग कैपिटल (Working Capital) मैनेजमेंट, विशेष रूप से ट्रेड रिसीवेबल्स की रिकवरी पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। वेयरहाउस फायर जैसी परिचालन बाधाओं का सप्लाई चेन और लागत पर क्या असर पड़ता है, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा।