Thomas Cook और SOTC की रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सैलानी अब पारंपरिक पार्टी के बजाय लक्जरी क्रूज और स्पिरिचुअल टूर जैसे प्रीमियम अनुभवों को चुन रहे हैं। यह बदलाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ाने में मददगार हो सकता है।
साल के अंत में घूमने-फिरने का अंदाज पूरी तरह बदल चुका है। Thomas Cook (India) Limited और SOTC Travel के अनुसार, लोग अब साधारण पार्टी वाले पैकेजों से हटकर कुछ अलग और प्रीमियम अनुभव चाहते हैं। आजकल सैलानी मल्टि-डेस्टिनेशन क्रूज, बर्फीले इलाकों की सैर और स्पिरिचुअल यात्राओं (धार्मिक यात्रा) के लिए बड़ी रकम खर्च करने को तैयार हैं।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
निवेशकों की नजर से देखें तो यह बदलाव बहुत जरूरी है। प्रीमियम और एक्सपीरियंस-बेस्ड ट्रिप पर कंपनी को सामान्य बजट ट्रिप के मुकाबले बेहतर प्रॉफिट मार्जिन मिलता है। जब लोग नॉर्डिक देशों में 'ग्लास इग्लू' या लक्षद्वीप जैसे प्राइवेट आइलैंड्स पर जाना पसंद करते हैं, तो कंपनी की 'पर-कस्टमर रेवेन्यू' बढ़ जाती है। इसके अलावा, डायरेक्ट चार्टर फ्लाइट्स ने भी प्रीमियम लोकेशंस तक पहुंच आसान बना दी है।
चुनौतियां और रिस्क
हालांकि, यह बिजनेस पूरी तरह से 'डिस्क्रिशनरी' (सैलानी की मर्जी) खर्चों पर निर्भर है। अगर इकॉनमी में सुस्ती आती है या महंगाई बढ़ती है, तो सबसे पहले लोग लग्जरी ट्रिप का बजट ही काटते हैं। साथ ही, जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण फ्लाइट रूट या वीजा नियमों में बदलाव का सीधा असर कंपनी के कामकाज पर पड़ सकता है।
इसके अलावा, ऑनलाइन ट्रेवल प्लेटफॉर्म्स से भी कड़ी टक्कर मिल रही है, जो सस्ते विकल्प दे रहे हैं। ऐसे में कंपनी के लिए अपनी सर्विस क्वालिटी को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। आने वाले क्वार्टरली रिजल्ट्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह 'प्रीमियम ट्रेंड' कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन को कितनी मजबूती देता है।
