Thangamayil Jewellery: कमाई में 40% की उछाल, फिर भी प्रॉफिट 'सुस्त'; निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Thangamayil Jewellery: कमाई में 40% की उछाल, फिर भी प्रॉफिट 'सुस्त'; निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

Thangamayil Jewellery ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **40%** बढ़कर **₹2,388 करोड़** हो गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट मामूली बढ़त के साथ **₹59.5 करोड़** पर ही अटक गया है।

सितंबर 2026 की तिमाही में Thangamayil Jewellery के प्रदर्शन में एक अजीब विरोधाभास देखने को मिला है। एक तरफ जहाँ कंपनी का टॉप-लाइन यानी रेवेन्यू 40% बढ़कर ₹2,388 करोड़ पर पहुंच गया है, वहीं नेट प्रॉफिट महज 1.7% की तेजी के साथ ₹59.5 करोड़ रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹58.5 करोड़ था।

क्यों नहीं बढ़ पाया मुनाफा?

रेवेन्यू और प्रॉफिट के बीच का यह अंतर कंपनी के सामने आ रही ऑपरेशनल चुनौतियों को दर्शाता है। सोने की कीमतें बढ़ने से रेवेन्यू तो बढ़ गया, लेकिन फिजिकल गोल्ड की डिमांड में सुस्ती रही। गोल्ड ज्वेलरी की वॉल्यूम में 1% की गिरावट आई है, जिसका मतलब है कि बिक्री सिर्फ बढ़ी हुई कीमतों के कारण ऊपर दिख रही है, न कि ग्राहकों की संख्या बढ़ने से।

मार्जिन पर भारी दबाव

कंपनी के मुनाफे पर मार्जिन की मार पड़ी है। EBITDA मार्जिन पिछले साल के 6.2% से गिरकर 4.95% पर आ गया है। इसके अलावा, ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन में 165 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई है। वेस्ट एशिया में चल रही अस्थिरता और गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने इन्वेंट्री मैनेजमेंट को काफी जटिल बना दिया है। साथ ही, तमिलनाडु में प्रवासी रेमिटेंस (remittance) कम होने से भी रिटेल डिमांड पर असर पड़ा है, क्योंकि यह इलाका हाई-वैल्यू खरीदारी के लिए रेमिटेंस पर काफी निर्भर रहता है।

आगे क्या नजर रखें?

निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कंपनी अपने मार्जिन को वापस पुरानी स्थिति में ला पाएगी? गोल्ड की कीमतों पर कंपनी की निर्भरता बढ़ गई है, जबकि वॉल्यूम में कमी चिंता का विषय है। आने वाले समय में सोने के भाव में स्थिरता और ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता ही कंपनी की रिकवरी तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.