Thangamayil Jewellery के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को चौंकाया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले तिमाही की तुलना में **41%** गिर गया, जिसके चलते शेयर में **9.6%** की भारी गिरावट देखी गई। हालांकि, सालाना आधार पर रेवेन्यू (Revenue) में **71%** का उछाल आया है।
नतीजों में आई गिरावट की वजह?
Thangamayil Jewellery ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले तिमाही के ₹121 करोड़ से गिरकर ₹85 करोड़ पर आ गया है। यह 41% की तिमाही गिरावट है। वहीं, रेवेन्यू (Revenue) भी पिछले तिमाही के मुकाबले 6% घटकर ₹2,666 करोड़ रहा।
इंपोर्ट ड्यूटी और रुपये का दबाव
कंपनी ने इस गिरावट के लिए सीधे तौर पर सरकार के फैसलों और मैक्रो इकोनॉमिक (Macro Economic) वजहों को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी (Import Duty) को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है, जिससे सोने की खरीद लागत काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही, भारतीय रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होना भी एक बड़ा कारण बना। इन सब वजहों से सोने के दाम बढ़ गए और ग्राहकों ने खरीददारी टाल दी, जिसके चलते पिछली तिमाही के मुकाबले बिक्री कम हुई।
सालाना प्रदर्शन और रिटेल ग्रोथ
तिमाही आधार पर प्रदर्शन कमजोर रहने के बावजूद, सालाना आधार पर कंपनी ने अच्छी ग्रोथ दिखाई है। गोल्ड ज्वैलरी (Gold Jewellery) की बिक्री में 65% का सालाना उछाल आया और यह ₹2,273 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, नॉन-गोल्ड सेगमेंट (Non-Gold Segment), जिसमें चांदी और हीरे शामिल हैं, की बिक्री 88% बढ़कर ₹244 करोड़ रही। जून 2026 तक कंपनी के 66 रिटेल शोरूम (Retail Showrooms) थे और 'सेम-स्टोर सेल्स' (Same-store Sales) में 44% की ग्रोथ दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि मौजूदा स्टोर्स पर ग्राहक अभी भी आ रहे हैं।
बाजार की प्रतिक्रिया
नतीजों के बाद शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक पर दबाव देखने को मिला। बुधवार, 29 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर Thangamayil Jewellery के शेयर 9.66% गिरकर ₹6,478.50 पर कारोबार कर रहे थे। यह गिरावट निवेशकों की चिंता दिखाती है कि इंपोर्ट ड्यूटी और करेंसी की अस्थिरता के माहौल में कंपनी अपने मार्जिन को कैसे बनाए रखेगी।
आगे क्या देखें?
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाली तिमाहियों में कंज्यूमर डिमांड (Consumer Demand) स्थिर हो पाएगी। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि डिमांड बढ़ेगी, लेकिन यह सोने की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। निवेशकों को यह भी देखना होगा कि कंपनी बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी का बोझ ग्राहकों पर कैसे डालती है, बिना बिक्री को और प्रभावित किए। इसके अलावा, नए स्टोर्स खोलने की रफ्तार पर भी नजर रखनी होगी।
