Tata Starbucks: भारत में 50-100 नए स्टोर हर साल खोलने की तैयारी!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Tata Starbucks: भारत में 50-100 नए स्टोर हर साल खोलने की तैयारी!

Tata Starbucks, Tata Consumer Products और Starbucks के ज्वाइंट वेंचर ने भारत में अपनी विस्तार योजना तेज कर दी है। कंपनी का लक्ष्य सालाना 50 से 100 नए स्टोर खोलना है, क्योंकि ज्वाइंट वेंचर रेवेन्यू में ग्रोथ दर्ज कर रहा है। कॉफी मार्केट में बढ़ती मांग को भुनाने के लिए कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है, वहीं लोकल और इंटरनेशनल ब्रांड्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है।

Tata Starbucks का बड़ा प्लान: 50-100 नए स्टोर हर साल

Tata Consumer Products और Starbucks के ज्वाइंट वेंचर, Tata Starbucks ने भारत में अपने स्टोर एक्सपेंशन की रफ्तार बढ़ाने का फैसला किया है। हाल ही में कंपनी ने हैदराबाद में अपना छठा 'Reserve' स्टोर खोला है, जो दक्षिण भारत में इस तरह का पहला स्टोर है। यह कदम प्रीमियम प्रोडक्ट्स और ग्राहकों के लिए बेहतर अनुभव देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, ताकि देश में अपनी मौजूदगी को मजबूत किया जा सके।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस और मार्केट में ग्रोथ

कुछ समय के कंसॉलिडेशन के बाद, ज्वाइंट वेंचर ने लगातार रिकवरी दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में, कंपनी ने ₹1,367 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 7% ज्यादा है। हालांकि, बिजनेस ने ₹98.95 करोड़ का नेट लॉस दिखाया, लेकिन यह घाटा पहले से कम हुआ है। मैनेजमेंट का कहना है कि पिछले दो-तीन सालों से कंपनी के स्टोर्स कैश-पॉजिटिव हैं और कंपनी ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने में कामयाब रही है, जो इसके ऑपरेशनल मैच्योरिटी का अहम इंडिकेटर है।

जून तिमाही के दौरान, सेम-स्टोर सेल्स में मिड-सिंगल डिजिट ग्रोथ देखी गई। भारत में कॉफी कैटेगरी में सालाना लगभग 20% की ग्रोथ देखी जा रही है, और मार्केट पेनिट्रेशन 20-25% तक पहुंच गया है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव्स का मानना है कि भारतीय बाजार में लंबी अवधि में काफी संभावनाएं हैं और आने वाले सालों में यहां 8,000 स्टोर तक की क्षमता हो सकती है।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच रणनीति

भारतीय कॉफी सेगमेंट में Tim Hortons जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स और Blue Tokai व Third Wave Coffee जैसे डोमेस्टिक स्टार्टअप्स के आने से मुकाबला कड़ा हो गया है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह प्रतिस्पर्धा कॉफी कैटेगरी के ओवरऑल ग्रोथ को तेज कर रही है। कंपनी मेन्यू इनोवेशन पर भी ध्यान दे रही है, जिसमें प्रोटीन-बेस्ड, माचा और जीरो-शुगर ड्रिंक्स जैसे नए प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इसका मकसद ग्राहकों के बदलते वेलनेस ट्रेंड्स के साथ तालमेल बिठाना और ब्रांड की पहचान बनाए रखना है।

निवेशकों के लिए आगे की राह

निवेशक कंपनी की ग्रोथ रेट को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रख सकते हैं, खासकर जब वे सालाना 50 से 100 नए लोकेशन के आक्रामक रोलआउट से जुड़ी लागतों का प्रबंधन कर रहे हों। इस वेंचर की लंबी अवधि की प्रॉफिटेबिलिटी विस्तार की लागतों, ग्राहकों की मांग और भीड़भाड़ वाले बाजार में प्राइसिंग पावर बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी। ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर लगातार फोकस और नए प्रोडक्ट कैटेगरी की सफलता, भविष्य की तिमाही अपडेट्स में कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ के महत्वपूर्ण इंडिकेटर्स होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.