Tata Consumer Products के चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे आए हैं और कंपनी ने कमाल का प्रदर्शन किया है।
शानदार नतीजे, रेवेन्यू और EBITDA में उछाल
कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 18% बढ़कर ₹20,000 करोड़ के पार पहुंच गया है। वहीं, EBITDA में 27% का जबरदस्त उछाल देखा गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी का रेवेन्यू 15% बढ़ा है।
मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सुनील डी'सूजा ने FY27 के लिए भी उम्मीदें जताई हैं। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ जारी रहेगी और EBITDA ग्रोथ रेवेन्यू ग्रोथ से भी तेज रहने की उम्मीद है।
ग्रोथ के नए इंजन: डिजिटल चैनल और इंटरनेशनल मार्केट्स
कंपनी के डिजिटल चैनल्स जैसे क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स का जलवा बरकरार है। Q4 में इनकी बिक्री 21% रही और FY26 में इन्होंने करीब 60% की ग्रोथ दर्ज की। अकेले क्विक कॉमर्स की बिक्री इस साल दोगुनी हो गई।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी कंपनी ने दम दिखाया। Q4 FY26 में अमेरिका में 30%, यूके में 17% और कनाडा में 19% की ग्रोथ देखी गई। यह लगातार छठा क्वार्टर है जब कंपनी ने मार्केट शेयर में बढ़त दर्ज की है। Starbucks के साथ ज्वाइंट वेंचर में भी अच्छी खबर है, स्टोर सेल्स में लगातार तीसरी तिमाही से बढ़ोतरी है और अब 80 शहरों में 502 स्टोर हो गए हैं।
महंगाई का पहरा: मार्जिन पर दबाव
हालांकि, इस शानदार ग्रोथ के बीच महंगाई एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। खासकर मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण कच्चे माल, पैकेजिंग और शिपिंग की लागत 60% से 70% तक बढ़ गई है। इस वजह से Britannia जैसे कंपीटिटर्स ने कीमतें बढ़ाई हैं और प्रोडक्ट साइज घटाए हैं। Tata Consumer Products भी अपनी ब्रांड लॉयल्टी का फायदा उठाकर थोड़ी कीमत बढ़ोतरी कर सकती है, लेकिन लगातार बढ़ती लागत मार्जिन पर दबाव बना रही है।
हाई वैल्यूएशन पर सवाल
सबसे बड़ी चिंता कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर है। Tata Consumer का P/E रेश्यो 70.2x से 80.8x के बीच चल रहा है, जो FMCG सेक्टर के औसत 66x से काफी ज्यादा है। Nestle India जैसे दूसरी कंपनियाँ भी अच्छा कर रही हैं, लेकिन Tata Consumer का यह प्रीमियम वैल्यूएशन जोखिम बढ़ाता है, अगर ग्रोथ धीमी पड़ती है।
एनालिस्ट्स की राय
फिर भी, ज्यादातर एनालिस्ट्स Tata Consumer Products को लेकर पॉजिटिव हैं। 28 एनालिस्ट्स ने इसे 'Buy' रेटिंग दी है और 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट ₹1,290.57 है, कुछ टारगेट तो ₹1,450 तक के भी हैं। Motilal Oswal ने भी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है।
कंपनी की आगे की रणनीति में प्रोडक्ट इनोवेशन पर फोकस करना (नए प्रोडक्ट्स से 5% सेल्स का लक्ष्य), डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करना और हालिया अधिग्रहणों (Capital Foods, Organic India) को बेहतर ढंग से इंटीग्रेट करना शामिल है। अब देखना यह होगा कि कंपनी बढ़ती लागत और सप्लाई चेन की दिक्कतों के बीच अपनी ग्रोथ की रफ्तार कैसे बनाए रखती है और अपने हाई वैल्यूएशन को कैसे जस्टिफाई करती है।
