Tata Consumer Products ने CSIR-NIIST के साथ हाथ मिलाया है। तिरुवनंतपुरम में एक नया फूड फोर्टिफिकेशन रिसर्च सेंटर बनाया जा रहा है, जिसका मकसद अनाज, दूध और नमक जैसे रोजमर्रा के खाने की चीजों को अधिक पोषणयुक्त बनाना है।
रिसर्च और इनोवेशन पर जोर
तिरुवनंतपुरम के थोनक्कल स्थित 'बायो 360 लाइफ साइंसेज पार्क' में यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य एकेडमिक रिसर्च और कंज्यूमर फूड इंडस्ट्री के बीच की दूरी को कम करना है। कंपनी अपनी हेल्थ और वेलनेस सेगमेंट में पकड़ मजबूत करने के लिए यह बड़ा कदम उठा रही है।
कैसे काम करेगा यह सेंटर?
यह फैसिलिटी लैब टेस्टिंग से लेकर कमर्शियल प्रोडक्शन तक के पूरे प्रोडक्ट लाइफसाइकिल को मैनेज करेगी। CSIR की साइंटिफिक एक्सपर्टीज और Tata Consumer के विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के मेल से कंपनी अपने नए उत्पादों को तेजी से बाजार में उतार पाएगी। कंपनी का लक्ष्य ग्रेन्स, मिल्क, साल्ट और एडिबल ऑयल में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स मिलाकर उनकी क्वालिटी को सुधारना है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
FMCG सेक्टर में गलाकाट प्रतियोगिता के बीच, प्रोडक्ट डिफरेंशिएशन ही आगे रहने का तरीका है। हालांकि, निवेशकों को यह भी देखना होगा कि कंपनी लैब के इनोवेशन को कितनी कुशलता से सस्ते और किफायती उत्पादों में बदल पाती है। रॉ-मटीरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मार्जिन पर दबाव के बीच, यह नई टेक्नोलॉजी कंपनी के भविष्य के ग्रोथ के लिए कितनी प्रभावी साबित होती है, यह देखने वाली बात होगी।
