Kitchen appliances बनाने वाली कंपनी TTK Prestige ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **33.6%** बढ़कर **₹814 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट में **122.8%** की भारी उछाल दर्ज की गई। घरेलू बाजार की मजबूत मांग और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर कंपनी के फोकस ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।
घरेलू मांग ने बदली तस्वीर
TTK Prestige लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अपनी घरेलू ऑपरेशंस की मजबूती का प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 33.6% बढ़कर ₹813.9 करोड़ पर पहुंच गया। इस शानदार बढ़ोतरी का मुख्य कारण घरेलू बिक्री में आया 35.6% का इजाफा है, जिसमें किचन एप्लायंसेज, खासकर इंडक्शन कुकटॉप्स की मांग काफी मजबूत बनी रही।
'Judge' ब्रांड का जलवा और एक्सपोर्ट में सुस्ती
कंपनी के हालिया प्रदर्शन में 'Judge' ब्रांड के जरिए मास-मार्केट सेगमेंट में उसकी सफल एंट्री का बड़ा हाथ है। 'Judge' ब्रांड से होने वाली कमाई में 89.9% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹34.6 करोड़ तक पहुंच गई। इससे पता चलता है कि कंपनी की इस ब्रांड को फिर से स्थापित करने और विस्तार देने की रणनीति ग्राहकों को पसंद आ रही है। वहीं, दूसरी ओर, कंपनी का एक्सपोर्ट बिजनेस चुनौतियों का सामना कर रहा है, जहां रेवेन्यू 17.9% गिरकर ₹12.8 करोड़ रह गया। शिपिंग और लॉजिस्टिक्स में आ रही लगातार दिक्कतों ने अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर असर डाला है।
मुनाफे में जबरदस्त उछाल और ब्रोकरेज का भरोसा
कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में भी भारी सुधार देखा गया। EBITDA 102.3% बढ़कर ₹81.6 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 340 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 10.0% पर पहुंच गया। कंपनी ने चुनिंदा प्राइस इंक्रीज और हाई-वैल्यू वाले प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर फोकस बढ़ाकर लगभग 8% की कमोडिटी महंगाई को बखूबी संभाला। नतीजतन, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 122.8% की छलांग लगाकर ₹59 करोड़ पर पहुंच गया।
इन दमदार नतीजों के बाद, Geojit Financial Services ने TTK Prestige के स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹749 तय किया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी की मजबूत कैश जनरेशन क्षमता उसे बिना किसी भारी कर्ज के कैपेसिटी विस्तार, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे जरूरी निवेश करने में मदद करती है।
आगे क्या हैं जोखिम?
Q1 के शानदार नतीजों के बावजूद, निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी होगी। कमोडिटी की महंगाई एक बड़ा जोखिम बनी हुई है, क्योंकि स्टील और एल्यूमीनियम जैसी कच्ची सामग्रियों की बढ़ती कीमतें प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, एक्सपोर्ट मार्केट में लॉजिस्टिक्स की समस्या और भारतीय किचन एप्लायंसेज सेक्टर की कड़ी प्रतिस्पर्धा भी अहम कारक हैं। आने वाली तिमाहियों में कंपनी की मार्जिन सुधार बनाए रखने की क्षमता शेयरधारकों के लिए निगरानी का एक अहम बिंदु रहेगी।
