TASMAC का बड़ा बदलाव: 1 सितंबर से डिजिटल होगा शराब का स्टॉक ऑर्डर

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
TASMAC का बड़ा बदलाव: 1 सितंबर से डिजिटल होगा शराब का स्टॉक ऑर्डर

तमिलनाडु की सरकारी शराब रिटेलर TASMAC 1 सितंबर, 2026 से पूरी तरह से डिजिटल और हैंडहेल्ड डिवाइस आधारित स्टॉक ऑर्डरिंग सिस्टम अपनाएगी। यह कदम कागजी काम को खत्म कर डेटा-संचालित इन्वेंट्री मैनेजमेंट के जरिए सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करने के लिए उठाया गया है।

तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (TASMAC) अपनी पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल बनाने की तैयारी में है। 1 सितंबर, 2026 से राज्य भर में शराब की दुकानों पर पारंपरिक कागजी पर्चियों की जगह ऑटोमेटेड और हैंडहेल्ड डिवाइस आधारित इंडेंट सिस्टम ले लेगा। इस पहल से राज्य के 38 जिलों में फैले रिटेल आउटलेट्स की इन्वेंट्री प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाएगा।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

अब ऑर्डर प्रक्रिया पूरी तरह से ऐतिहासिक सेल्स डेटा पर आधारित होगी। डिजिटल सिस्टम हर दुकान के लिए शराब के ब्रांड और बोतल साइज की पात्रता तय करेगा। हालांकि, स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए सुपरवाइजर के पास मांग को 20% तक बढ़ाने का विकल्प होगा। साथ ही, वे वेरिफाइड मार्केट डिमांड के आधार पर अन्य रजिस्टर्ड ब्रांड्स को भी लिस्ट में जोड़ सकेंगे।

पारदर्शिता और सुरक्षा

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य दुकानों पर जवाबदेही तय करना है। किसी भी ऑर्डर को फाइनल करने के लिए अब सुपरवाइजर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP सत्यापन अनिवार्य होगा। इससे हर ऑर्डर का एक स्पष्ट ऑडिट ट्रेल बनेगा, जो पहले कागजी फाइलों के कारण होने वाली प्रशासनिक गलतियों को रोकेगा।

चुनौतियां और कानूनी पेच

डिजिटल बदलाव का यह सफर आसान नहीं रहने वाला है। तकनीकी खराबी, कनेक्टिविटी की समस्या और स्टाफ की ट्रेनिंग जैसे कई जमीनी स्तर की चुनौतियां सामने हैं। इसके अलावा, TASMAC को मद्रास हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिकाओं (PILs) की कानूनी जांच का भी सामना करना पड़ रहा है। एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत पर शराब बेचने की शिकायतें और डिजिटल ऑर्डर्स को नजरअंदाज करने जैसी पुरानी समस्याओं को दूर करना इस नए सिस्टम के लिए बड़ी अग्निपरीक्षा होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.