TABP का बड़ा प्लान: 3 साल में ₹800 करोड़ पार!

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AuthorAditya Rao|Published at:
TABP का बड़ा प्लान: 3 साल में ₹800 करोड़ पार!
Overview

फ़ूड कंपनी TABP ने अगले **3** सालों में अपना रेवेन्यू लगभग चार गुना बढ़ाकर **₹800 करोड़** करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी मास-मार्केट कंज्यूमर्स पर फोकस कर रही है, खास तौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों पर। इसकी ग्रोथ स्ट्रैटेजी **₹10** के प्राइस पॉइंट, लोकल फ्लेवर और सीधे ग्राहकों तक पहुंचने वाले डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर आधारित होगी, जो आधुनिक रिटेल और ई-कॉमर्स को बायपास करेगा।

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कंपनी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

फ़ूड प्रोड्यूसर TABP ने अगले 3 सालों में अपना रेवेन्यू लगभग चार गुना बढ़ाकर ₹800 करोड़ करने की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य इस अवधि में ₹40 करोड़ का प्रॉफिट कमाना भी है। यह सब भारत के विशाल मास मार्केट, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के कंज्यूमर्स पर ध्यान केंद्रित करके हासिल किया जाएगा।

₹10 के प्राइस पॉइंट की ताकत

कंपनी के फाउंडर प्रभु गांधीकुमार का कहना है कि उन्होंने एक बड़ा गैप देखा है – बड़ी ग्लोबल बेवरेज कंपनियां रोज़ कमाने वाले आम आदमी के लिए बहुत महंगी हैं। जहां एक ग्लोबल कोल्ड ड्रिंक की कीमत दैनिक मजदूरी का 10% तक हो सकती है, वहीं छाछ और नींबू जैसे स्थानीय पारंपरिक पेय पदार्थों की कीमत ₹10 के आसपास होती है और ये काफी लोकप्रिय हैं। TABP की मुख्य रणनीति इसी जरूरत को पूरा करती है, जिसमें लोकल पसंद के हिसाब से किफायती, रीजनल बेवरेज ऑप्शन ऑफर किए जाते हैं।

प्रोडक्ट और डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी

TABP किसी एक प्रोडक्ट पर फोकस करने के बजाय कई खास तरह के ड्रिंक्स पर काम कर रही है। सफलता के लिए कंपनी ने कुशल लागत प्रबंधन (efficient cost management) और 12 यूनिट्स वाले डिस्ट्रीब्यूटेड मैन्युफैक्चरिंग सेटअप पर जोर दिया है, जिसमें 11 यूनिट्स थर्ड-पार्टी द्वारा संचालित हैं। कंपनी मुख्य रूप से दक्षिणी और कुछ पश्चिमी भारतीय बाजारों में गहरी पैठ बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, क्योंकि उनका मानना है कि बड़े पैमाने पर बिज़नेस बनाने के लिए यह तेजी से राष्ट्रीय विस्तार करने से ज्यादा असरदार है। लागत को नियंत्रित रखने के लिए PET बोतल का वजन कम करने जैसी वैल्यू इंजीनियरिंग (value engineering) भी महत्वपूर्ण है।

खास बाज़ार पर फोकस

TABP पूरी तरह से ऑनलाइन चैनलों से दूर रहने का फैसला किया है। कंपनी ऐसे 600 मिलियन (60 करोड़) कंज्यूमर्स को टारगेट कर रही है, जिनके ऑनलाइन खरीदारी की संभावना कम है। कुछ खास क्षेत्रों में अधूरी मास मार्केट की जरूरतों पर यह मजबूत फोकस, व्यापक राष्ट्रीय प्रयास के बजाय, कुशलतापूर्वक मल्टी-थाउजेंड करोड़ का व्यवसाय बनाने का लक्ष्य रखता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.