Swiggy को Mother's Day पर मिला बूस्ट, पर Zomato का दबदबा बरकरार

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Swiggy को Mother's Day पर मिला बूस्ट, पर Zomato का दबदबा बरकरार
Overview

Mother's Day पर Swiggy के फूड डिलीवरी और डाइनिंग ऑर्डर्स में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी देखी गई, खासकर केक डिलीवरी और फाइन-डाइनिंग बुकिंग्स में ज़बरदस्त तेजी आई। यह खास मौका Swiggy के प्रीमियम सेवाओं पर फोकस को दिखाता है, वहीं कंपनी क्विक कॉमर्स में चुनौतियों का सामना कर रही है। दूसरी ओर, राइवल Zomato फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स, दोनों में अपनी Leading पोजीशन और मुनाफे वाली स्थिति बनाए हुए है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Mother's Day के मौके पर पूरे भारत में फूड डिलीवरी और प्रीमियम डाइनिंग ऑर्डर्स में काफी बढ़ोतरी देखी गई, जिसका फायदा Swiggy को मिला। हालांकि, ये हॉलिडे स्पाइक्स रेवेन्यू को अस्थायी बूस्ट देते हैं, लेकिन ये इंडियन फूड टेक्नोलॉजी मार्केट में बड़े बदलावों को भी हाईलाइट करते हैं।

Mother's Day पर, Swiggy के फूड डिलीवरी ऑर्डर्स में पिछले साल की तुलना में 26.24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, Dineout प्लेटफॉर्म के जरिए फाइन-डाइनिंग बुकिंग्स में 71.8% का ज़बरदस्त उछाल आया। देश भर में हर घंटे औसतन 13,039 केक ऑर्डर्स हुए, जिसमें शाम 7 बजे से 8 बजे के बीच सबसे ज्यादा डिमांड देखी गई। बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में प्रीमियम डाइनिंग और सेलिब्रेशन आइटम्स पर ग्राहकों ने जमकर खर्च किया। बेंगलुरु में सबसे ज्यादा डाइनर्स थे, और एक ग्राहक ने तो ₹1.12 लाख खर्च कर दिए। Dineout ऑफर्स के जरिए ग्राहकों ने ₹6.9 करोड़ से ज्यादा की बचत भी की।

यह उछाल Swiggy के मार्च तिमाही में क्विक कॉमर्स ग्रॉस सेल्स में आई गिरावट के बिल्कुल विपरीत है, जो बताता है कि लोग खास मौकों पर तो खर्च करते हैं, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उनकी खर्च करने की आदतें अलग हैं। Swiggy को रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद profitability की बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते ऑपरेटिंग लॉस में इस साल की पहली छमाही में बढ़ोतरी हुई। Q4 FY26 में इसका लॉस कम होकर ₹800 करोड़ रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹1000 करोड़ से ज्यादा था। यह दिखाता है कि फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स, दोनों को स्केल करना कितना महंगा साबित हो रहा है।

भारतीय फूड डिलीवरी और फूड टेक मार्केट के 2030 तक USD 27 बिलियन और 2034 तक USD 46 बिलियन तक पहुँचने की उम्मीद है। Rival Zomato के पास फूड डिलीवरी मार्केट का एक बड़ा हिस्सा (अनुमानित 55-58%) है, जबकि Swiggy की हिस्सेदारी 42-45% है। Zomato की फाइनेंशियल पोजीशन भी काफी मजबूत है, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹2.47 लाख करोड़ है और FY25 रेवेन्यू ₹21,320 करोड़ रहा है। Zomato का क्विक कॉमर्स बिजनेस, Blinkit, मार्केट लीडर है, जिसकी हिस्सेदारी 50% से ज्यादा है।

Goldman Sachs के एनालिस्ट्स ने Blinkit की ग्रोथ पर चिंता जताई है, लेकिन Zomato पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। एनालिस्ट्स भारतीय फूड टेक सेक्टर को लेकर पॉजिटिव हैं, जिसमें Zomato को अक्सर 'Strong Buy' रेटिंग मिलती है। सेक्टर में बड़े विस्तार की उम्मीद है, लेकिन कंपनियों के High Valuations के लिए लगातार परफॉरमेंस और सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी का रास्ता दिखाना जरूरी होगा। Swiggy का प्रीमियम सेवाओं पर फोकस और लॉस कम करने के प्रयास मार्जिन में सुधार का संकेत देते हैं, जबकि Zomato की संयुक्त रणनीति उसे कंज्यूमर की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में रखती है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.