ग्रोथ की जगह अब मुनाफे पर Instamart का फोकस
Instamart के इस स्ट्रैटेजिक शिफ्ट से क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब 'जितनी मर्जी ग्रोथ करो, कीमत चाहे जो भी हो' वाली सोच से हटकर, कंपनियां स्थिरता और प्रॉफिट पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
GOV में आई 0.7% की गिरावट, क्या है वजह?
Instamart का Gross Order Value (GOV) फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में 0.7% घटकर ₹7,881 करोड़ पर आ गया। यह कई सालों की तेज ग्रोथ के बाद GOV में पहली सीक्वेंशियल गिरावट है। हालांकि, पिछले साल की इसी तिमाही (Q4 FY25) के मुकाबले यह 68.8% बढ़ा है, जब यह ₹4,670 करोड़ था। Swiggy के अधिकारियों ने बताया कि यह जानबूझकर उठाया गया कदम है, जिसका मकसद 'वॉल्यूम बढ़ाने के बजाय इकोनॉमिक्स को मजबूत करना' है। कंपनी ने प्रॉफिटेबल बिज़नेस बनाने के लिए प्रोमोशनल ऑफर्स, जैसे 'नो-फी' (no-fee) कैंपेन, को कम कर दिया है। इन सबके बावजूद, Q4 FY26 में Swiggy का ओवरऑल रेवेन्यू 45% बढ़कर ₹6,383 करोड़ रहा, और Instamart का GOV सालाना आधार पर 68.8% बढ़ा। ध्यान देने वाली बात है कि Swiggy की वैल्यूएशन $11.3 बिलियन से $15.1 बिलियन के बीच है और इसने दिसंबर 2025 में $1.2 बिलियन का फंड जुटाया था।
मुकाबला कड़ा: Blinkit प्रॉफिट में, Zepto कर रहा एक्सपेंशन
Instamart की यह स्ट्रैटेजी उसके कॉम्पिटिटर्स से थोड़ी अलग है। Blinkit ने स्ट्रक्चरल प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर ली है और लगातार दो तिमाहियों से पॉजिटिव एडजस्टेड EBITDA रिपोर्ट कर रहा है। Blinkit ने इन्वेंटरी-लेड (1P) मॉडल को अपनाया है, जो अब उसके नेट ऑर्डर वैल्यू का करीब 90% है, जिससे उसके मार्जिन और एफिशिएंसी में सुधार हुआ है। वहीं, Zepto आक्रामक विस्तार पर है। इसने अक्टूबर 2025 में $7 बिलियन के वैल्यूएशन पर $450 मिलियन जुटाए और $1 बिलियन का फंड बनाया है। Zepto an IPO के जरिए $800 मिलियन से $1 बिलियन जुटाने की भी तैयारी में है। कंपनी के ज्यादातर डार्क स्टोर प्रॉफिटेबल बताए जा रहे हैं और यह रोजाना 2.5 मिलियन से ज्यादा ऑर्डर डिलीवर कर रहा है। अनुमान है कि इंडियन क्विक कॉमर्स मार्केट 2026 में $3.65 बिलियन से बढ़कर 2031 तक $6.64 बिलियन तक पहुंच जाएगा, जो ऑनलाइन ग्रोसरी ऑर्डर्स का 70-75% होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह सेक्टर कंसॉलिडेशन की ओर बढ़ रहा है, जहां प्रॉफिटेबिलिटी तेज ग्रोथ से ज्यादा अहम हो गई है।
प्रॉफिट पर फोकस के जोखिम
आर्थिक अनुशासन पर ध्यान केंद्रित करने से लंबी अवधि में कंपनी की पहचान तो बन सकती है, लेकिन Instamart को कुछ जोखिमों का भी सामना करना पड़ेगा। ग्रोथ को जानबूझकर धीमा करने से Instamart, Zepto जैसे तेजी से फैलने वाले या Blinkit जैसे एफिशिएंसी और 1P मॉडल से प्रॉफिटेबिलिटी का रास्ता दिखाने वाले कॉम्पिटिटर्स से मार्केट शेयर खो सकता है। ऐसे में, बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स होने के बावजूद Instamart एक कम प्रभावी प्लेयर बनकर रह सकता है। Swiggy के इतिहास पर भी नजर डालें तो 2017 में डेटा मैनिपुलेशन, रेस्टोरेंट्स को धोखा देने और निवेशकों को गुमराह करने के आरोप लगे थे, जिन्हें तब के CEO श्रीहर्ष मजेटी ने नकारा था। हाल ही में FY24 में एक एम्प्लॉई ने ₹33 करोड़ की गबन की थी, जिस पर कानूनी केस चल रहा है। ये पिछली घटनाएं मैनेजमेंट की एक्जीक्यूशन और ट्रांसपेरेंसी पर सवाल खड़ा कर सकती हैं। Instamart का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन सुधर रहा है, लेकिन Q4 FY26 में उसका एडजस्टेड EBITDA लॉस बड़ा था, जो Blinkit की तुलना में प्रॉफिटेबिलिटी से अभी भी काफी दूर है।
Instamart के लिए Swiggy का लॉन्ग-टर्म विज़न
Swiggy चाहती है कि Instamart सिर्फ जरूरी सामानों से आगे बढ़कर 'एवरीडे अपग्रेड्स' के लिए जाना जाए, जिसमें करीब 50,000 प्रोडक्ट्स मिलें और डिलीवरी भरोसेमंद हो। इस स्ट्रैटेजी का मकसद कस्टमर की सुविधा और प्रोडक्ट वैरायटी बढ़ाकर उनकी लॉयल्टी जीतना है। क्विक कॉमर्स सेक्टर के लगातार बढ़ने और भारत के ई-कॉमर्स ग्रोथ में बड़ा योगदान देने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि Q4 FY26 में Swiggy के फूड डिलीवरी सेगमेंट में सालाना आधार पर करीब 21.3% की ग्रोथ होगी। Instamart में भी मजबूत सालाना ग्रोथ की उम्मीद है, हालांकि सीक्वेंशियल परफॉर्मेंस थोड़ा कम रहेगा। Swiggy का मीडियम-टर्म लक्ष्य है कि Instamart ₹1 लाख करोड़ नेट ऑर्डर वैल्यू का बिज़नेस बने और 4-5% EBITDA हासिल करे।
