Swiggy ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की तीसरी तिमाही से खुद को 'इंडियन-ओन्ड एंड कंट्रोल्ड कंपनी' (IOCC) में बदलने की योजना बनाई है। इस बड़े बदलाव से कंपनी अपने Instamart बिजनेस में इन्वेंट्री-लेड मॉडल अपना सकेगी, जिससे मार्जिन में **80 बेसिस पॉइंट्स** तक का उछाल आने की उम्मीद है।
बदल रहा है बिजनेस मॉडल
Swiggy ने अपनी ऑपरेशनल रणनीति में एक बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2027 की तीसरी तिमाही के मध्य से खुद को एक पूरी तरह से भारतीय स्वामित्व और नियंत्रित कंपनी (IOCC) के रूप में ढालना शुरू करेगी। इस पूरी प्रक्रिया के 2 से 3 तिमाही में पूरा होने की संभावना है। इसके तहत विदेशी हिस्सेदारी को पूरी तरह से डाइल्यूटेड आधार पर 49.5% पर सीमित कर दिया जाएगा, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह कंपनी का क्विक कॉमर्स डिविजन यानी Instamart है। वर्तमान FDI नियमों के चलते विदेशी फंडिंग वाली कंपनियों को इन्वेंट्री पर सीधा मालिकाना हक रखने में दिक्कतें आती हैं। IOCC का दर्जा मिलने के बाद, Swiggy सीधे इन्वेंट्री को मैनेज कर सकेगी, जिससे प्रोडक्ट प्राइसिंग और सप्लाई चेन पर उसका बेहतर नियंत्रण होगा। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इससे कंट्रीब्यूशन मार्जिन में 80 बेसिस पॉइंट्स यानी 0.8% का इजाफा होगा।
प्रतिस्पर्धियों से टक्कर
बाजार में Zomato के Blinkit पहले से ही इन्वेंट्री-लेड मॉडल पर काम कर रहे हैं। Swiggy का यह कदम उन्हें बाजार में अपने प्रतिस्पर्धी के बराबर खड़ा करने के लिए एक बड़ी कोशिश है। कंपनी की घरेलू ओनरशिप पहले ही 58% से ऊपर पहुंच चुकी है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाती है।
निवेशकों के लिए संकेत
कंपनी ने साफ किया है कि इस बदलाव के लिए अतिरिक्त वर्किंग कैपिटल की जरूरत नहीं होगी। नेट वर्किंग कैपिटल के 15 दिनों के स्तर पर स्थिर रहने का अनुमान है। निवेशकों के लिए अगले कुछ क्वार्टर काफी अहम होंगे, क्योंकि बाजार यह देखेगा कि कंपनी इस नई स्ट्रक्चर को कितनी कुशलता से लागू कर पाती है और कैसे अपने मुनाफे के टारगेट को हासिल करती है।
