फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy ने अगले 5 सालों के लिए एक बड़ा प्लान पेश किया है। कंपनी का लक्ष्य FY31 तक **₹10,000 करोड़** का एडजस्टेड EBITDA हासिल करना है। इस खबर के बाद Swiggy के शेयरों में **5%** से ज्यादा की तेजी देखी गई।
Swiggy का 5 साल का रोडमैप
Swiggy लिमिटेड ने अपने कैपिटल मार्केट्स डे (Capital Markets Day) पर 6 अगस्त 2026 को एक महत्वाकांक्षी 5-साला रोडमैप का खुलासा किया। कंपनी का इरादा FY31 तक ₹10,000 करोड़ का कंसोलिडेटेड एडजस्टेड EBITDA (ऑपरेशनल प्रॉफिट का पैमाना) हासिल करने का है। साथ ही, इस अवधि में ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) को तिगुना करके ₹2.5 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस घोषणा के बाद, Swiggy के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 5% से अधिक बढ़कर ₹305 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गए।
ग्रोथ के 3 पिलर
कंपनी अपनी ग्रोथ को तीन मुख्य हिस्सों में बांटकर हासिल करेगी: फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स (Instamart) और डाइनिंग आउट (Dineout)।
- फूड डिलीवरी: इससे सबसे बड़ा हिस्सा आने की उम्मीद है, लक्ष्य ₹5,000 करोड़ EBITDA का है।
- क्विक कॉमर्स (Instamart): इससे ₹4,000 करोड़ EBITDA का अनुमान है।
- डाइनिंग आउट (Dineout): इससे ₹1,000 करोड़ EBITDA मिलने की उम्मीद है।
इन लक्ष्यों को पाने के लिए, Swiggy ऑर्डर वैल्यू में 30% से ज्यादा की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने की कोशिश करेगी।
मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन
Swiggy इस ग्रोथ फेज में एक मजबूत स्थिति में है। कंपनी पर फिलहाल कोई कर्ज नहीं है और उसके पास ₹14,400 करोड़ का कैश रिजर्व है, जो विस्तार योजनाओं के लिए फंड करने में मददगार होगा। Instamart ने हाल ही में अपनी फाइनेंशियल हेल्थ में सुधार दिखाया है और मई 2026 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन ब्रेकइवन (contribution margin breakeven) हासिल कर लिया था। मैनेजमेंट का कहना है कि यह यूनिट इकोनॉमिक्स के परिपक्व होने का संकेत है।
निवेशकों के लिए चिंताएं
हालांकि, निवेशकों को कुछ चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी। भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर में Blinkit और Zepto जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इस गलाकाट प्रतिस्पर्धा के कारण अक्सर आक्रामक प्राइसिंग, भारी मार्केटिंग खर्च और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखने को मिलता है। इसके अलावा, Swiggy अपनी Instamart सर्विस को फर्स्ट-पार्टी इन्वेंटरी मॉडल (first-party inventory model) में बदलने की योजना बना रहा है। इस बदलाव से क्वालिटी और सप्लाई पर बेहतर कंट्रोल मिलेगा, लेकिन इसमें एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) बढ़ सकता है और वर्किंग कैपिटल की जरूरतें भी बढ़ सकती हैं, जो शॉर्ट-टर्म में कैश फ्लो को प्रभावित कर सकता है।
निवेशक यह भी देखेंगे कि कंपनी छोटे टियर-II और टियर-III शहरों में अपने डार्क स्टोर नेटवर्क (dark store network) को कैसे बढ़ाती है, जहां ग्राहकों का व्यवहार और लॉजिस्टिक्स बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से अलग है। इस पूरी योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि Swiggy अपने मार्केट शेयर को बनाए रखते हुए, एक भीड़भाड़ वाले सेक्टर में ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच संतुलन कैसे बनाती है। बाजार को आने वाली तिमाही नतीजों में इन मेट्रिक्स पर अपडेट का इंतजार रहेगा।
