Swiggy ने साल 2031 तक **₹10,000 करोड़** के सालाना एडजस्टेड EBITDA का लक्ष्य रखा है। कंपनी फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स में ग्रोथ पर दांव लगा रही है। Q1 FY27 में कंपनी का नेट लॉस घटकर **₹791 करोड़** रहा, जबकि उसके पास **₹14,400 करोड़** का कैश रिजर्व है।
Swiggy की मुनाफे की ओर बड़ी छलांग
फूड और ग्रोसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म Swiggy ने साल 2031 तक ₹10,000 करोड़ के सालाना एडजस्टेड EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य कंपनी के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है, क्योंकि अब वह सिर्फ ग्रोथ पर फोकस करने की बजाय लंबी अवधि के मुनाफे पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कमाई का प्लान: तीन मुख्य सेगमेंट
Swiggy की इस योजना के तीन मुख्य स्तंभ हैं:
- फूड डिलीवरी: कोर बिजनेस से ₹5,000 करोड़ कमाने का लक्ष्य है।
- इंस्टामार्ट (Instamart): क्विक कॉमर्स आर्म से ₹4,000 करोड़ का योगदान अपेक्षित है।
- आउट-ऑफ-होम कंजम्पशन: अन्य सेवाओं से ₹1,000 करोड़ की कमाई का अनुमान है।
इसके साथ ही, कंपनी का लक्ष्य सभी प्लेटफॉर्म्स पर कुल नेट ऑर्डर वैल्यू ₹1 लाख करोड़ तक पहुंचाने का है।
नतीजों पर एक नजर: घाटा कम, कैश ज्यादा
वित्तीय मोर्चे पर, Swiggy नुकसान को कम करने की राह पर है। वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹6,812 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 37% अधिक है। इसी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर ₹791 करोड़ रह गया। निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी पर फिलहाल कोई कर्ज नहीं है और उसके पास ₹14,400 करोड़ का मजबूत कैश बैलेंस है, जो उसके लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान्स को सहारा देगा।
इंस्टामार्ट का मील का पत्थर
Swiggy के क्विक कॉमर्स वेंचर, इंस्टामार्ट ने Q1 FY27 में कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन ब्रेकइवन हासिल करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह दर्शाता है कि बिजनेस मॉडल अधिक कुशल हो रहा है। हालांकि, ₹4,000 करोड़ के अनुमानित EBITDA योगदान तक पहुंचने के लिए वॉल्यूम ग्रोथ में भारी वृद्धि की आवश्यकता होगी।
कॉम्पिटिशन और जोखिम
क्विक कॉमर्स सेक्टर में Swiggy को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। Blinkit और Zepto जैसी कंपनियां तेजी से विस्तार कर रही हैं, जिससे मार्केटिंग और कस्टमर एक्विजिशन की लागतें बढ़ रही हैं। इस माहौल में इंडस्ट्री में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। Swiggy के लिए मुख्य चुनौती यह है कि वह इन प्रतिस्पर्धी दबावों और विदेशी निवेश नियमों से संबंधित संभावित नियामक परिवर्तनों के बीच भी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखे।
भविष्य में, निवेशक बारीकी से देखेंगे कि Swiggy अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस को कैसे स्केल करता है और साथ ही अपने कोर फूड डिलीवरी मार्जिन की सुरक्षा कैसे करता है। अपनी कैश पोजीशन से समझौता किए बिना इस रणनीति को लागू करने की Swiggy की क्षमता 2031 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण कारक होगी।
