Swiggy ने अपनी 'Food on Train' सर्विस का दायरा बढ़ाकर 201 रेलवे स्टेशनों तक पहुंचा दिया है। पिछले दो सालों में कंपनी ने इसमें **12 गुना** वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है।
तेजी की रफ्तार और बदलती पसंद
Swiggy ने मार्च 2024 में 'Food on Train' सर्विस शुरू की थी और अगस्त 2026 तक कंपनी ने 12 गुना ट्रांजैक्शन वॉल्यूम हासिल कर लिया है। खास बात यह है कि ट्रेन में यात्री अब पिज्जा-बर्गर से ज्यादा रीजनल थाली पसंद कर रहे हैं, जो कुल ऑर्डर का 65% हिस्सा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के बजट यात्रियों को आकर्षित करने के लिए कंपनी ने 'Search by Train' और '99 Store' जैसे नए फीचर्स लॉन्च किए हैं।
फाइनेंशियल और ओनरशिप का गणित
निवेशकों के लिए Swiggy की हालिया फाइनेंशियल रिपोर्ट अहम है। मई 2026 में जारी Q4 FY26 नतीजों के अनुसार, कंपनी का रेवेन्यू ₹6,383 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 45% ज्यादा है। राहत की बात यह है कि कंपनी का नेट लॉस घटकर ₹800 करोड़ रह गया है, जो बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट दिखाता है। साथ ही, जुलाई 2026 में कंपनी की घरेलू हिस्सेदारी बढ़कर 50.24% हो गई है, जिससे अब Swiggy में विदेशी निवेश से ज्यादा घरेलू पैसा लगा है।
रिस्क और चुनौतियां
हालांकि यह विस्तार बड़ा है, लेकिन हाइपरलोकल डिलीवरी सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। टियर-2 और टियर-3 बाजारों में इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग का खर्च अगर तेजी से बढ़ता है, तो मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मैनेज करना और स्थानीय मर्चेंट एसोसिएशन के साथ तालमेल बिठाना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी रहेगी। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह विस्तार कंपनी की बॉटम-लाइन और मार्जिन को मजबूती दे पाएगा या नहीं।
