Swiggy के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी हो गए हैं। कंपनी ने बाजार की उम्मीदों के विपरीत **₹922 करोड़** का बड़ा कंसोलिडेटेड लॉस (Loss) रिपोर्ट किया है। हालांकि रेवेन्यू में **36%** की बढ़त दिखी है, लेकिन इंस्टामार्ट (Instamart) के विस्तार में हो रहे भारी खर्च ने मुनाफे पर पानी फेर दिया है।
Swiggy ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के लिए ₹922 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी का यह प्रदर्शन विश्लेषकों के अनुमानों से काफी कमजोर रहा, क्योंकि बाजार को लगभग ₹792 करोड़ के नुकसान की आशंका थी। यह रिपोर्ट बताती है कि कंपनी बाजार में अपनी हिस्सेदारी तो बढ़ा रही है, लेकिन इसकी कीमत बहुत अधिक चुकानी पड़ रही है।
कंपनी की कुल आय यानी रेवेन्यू में 36% का जोरदार उछाल देखने को मिला और यह ₹7,571 करोड़ पर पहुंच गया। राहत की बात यह रही कि फूड डिलीवरी का मुख्य बिजनेस मुनाफे में है, जिसने ₹341 करोड़ का एडजस्टेड कोर प्रॉफिट कमाया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹240 करोड़ था। हालांकि, फूड डिलीवरी का यह मुनाफा इंस्टामार्ट के विस्तार में खर्च हो रहा है।
क्विक कॉमर्स विस्तार की चुनौतियां
इंस्टेंट डिलीवरी मार्केट में टिके रहने के लिए Swiggy आक्रामक तरीके से अपना इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा रही है। कंपनी ने इस तिमाही में 69 नए डार्क स्टोर्स जोड़े हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 1,240 हो गई है। इसका सीधा असर इंस्टामार्ट के मुनाफे पर पड़ा है, जिसका कोर लॉस ₹849 करोड़ से बढ़कर ₹895 करोड़ हो गया है। कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन गिरकर -1% पर आ गया है, जो इस बिजनेस मॉडल पर पड़ रहे वित्तीय दबाव को साफ दर्शाता है।
सेक्टर में बढ़ती कॉम्पिटिशन
क्विक कॉमर्स का खेल इस समय काफी महंगा साबित हो रहा है। Swiggy के मुख्य प्रतिद्वंदी Zomato की सर्विस 'Blinkit' भी तेजी से अपने स्टोर बढ़ा रही है। Blinkit ने इसी दौरान 308 नए स्टोर जोड़े हैं। इस 'दौड़' में बने रहने के लिए कंपनियां कस्टमर एक्विजिशन और स्टोर लोकेशन पर पानी की तरह पैसा बहा रही हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी कब अपने इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट को कंसिस्टेंट कैश फ्लो में बदल पाएगी और कब यूनिट-लेवल पर प्रॉफिट नजर आएगा।
