Swiggy का दम! Q1 में रेवेन्यू **37%** बढ़ा, ₹6,812 करोड़ पार; घाटा भी **34%** घटा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Swiggy का दम! Q1 में रेवेन्यू **37%** बढ़ा, ₹6,812 करोड़ पार; घाटा भी **34%** घटा

Swiggy के लिए यह तिमाही शानदार रही है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में अपने रेवेन्यू में **37.3%** का बड़ा उछाल दर्ज किया है, जो ₹6,812 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का नेट लॉस **34%** घटकर ₹791 करोड़ पर आ गया है।

Swiggy की दमदार परफॉरमेंस: रेवेन्यू में 37.3% की उछाल

Swiggy ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं, जो कंपनी की ग्रोथ की कहानी बयां कर रहे हैं। इस अवधि में कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़कर ₹6,812 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹4,961 करोड़ था। यह 37.3% की शानदार बढ़ोतरी है। वहीं, कंपनी अपने खर्चों पर काबू पाने में भी सफल रही है, जिसके चलते नेट लॉस 34% घटकर ₹791 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले साल यह ₹1,197 करोड़ था।

सप्लाई चेन और फूड डिलीवरी: ग्रोथ के मुख्य इंजन

Swiggy के कारोबार में सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन का सेगमेंट एक बड़ा रेवेन्यू बूस्टर बनकर उभरा है। इस सेगमेंट ने ₹3,195 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो पिछले साल की तुलना में 41.4% ज्यादा है। यह Swiggy के कुल रेवेन्यू का लगभग 47% हिस्सा है। हालांकि यह सेगमेंट अभी भी ग्रोथ फेज में है और इसने ₹48 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA लॉस दर्ज किया है, लेकिन यह पिछले साल के ₹62 करोड़ के लॉस से कम है। इससे पता चलता है कि कंपनी यूनिट इकोनॉमिक्स को बेहतर कर रही है।

वहीं, कंपनी का मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस भी मजबूत बना हुआ है। फूड डिलीवरी से रेवेन्यू 22.7% बढ़कर ₹2,208 करोड़ हो गया। इस दौरान ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू में 17.4% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹9,490 करोड़ तक पहुंच गई। इस सेगमेंट ने ₹292 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹192 करोड़ से काफी ज्यादा है। ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू के मुकाबले EBITDA मार्जिन सुधरकर 3.1% हो गया है।

खर्चों पर लगाम और मार्केट की चुनौती

जहां रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी हुई है, वहीं Swiggy के कुल खर्चे भी 25.1% बढ़कर ₹7,813 करोड़ हो गए हैं। यह बढ़ोतरी कंपनी द्वारा क्विक कॉमर्स और डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार किए जा रहे निवेश को दर्शाती है। मैनेजमेंट का कहना है कि डिलीवरी स्टाफ पर ज्यादा खर्च और सैलरी में बढ़ोतरी के कारण इस तिमाही में मार्जिन पर अस्थायी दबाव देखा गया।

इस कॉम्पिटिटिव क्विक-कॉमर्स मार्केट में Swiggy को Zomato के Blinkit और Zepto जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है। ऐसे में, निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच कैसे संतुलन बनाती है। कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (Customer Acquisition Cost) और तेज डिलीवरी टाइम बनाए रखने का दबाव, इन कंपनियों के लिए हमेशा एक चुनौती रहा है, जिसके लिए वेयरहाउस और राइडर नेटवर्क में लगातार निवेश की जरूरत होती है। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी का यह निवेश कैसे स्थायी मार्जिन ग्रोथ में तब्दील होता है और क्या वह नए बिजनेस सेगमेंट को स्केल करते हुए यूजर ग्रोथ की रफ्तार बनाए रख पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.