ऑस्ट्रियाई क्रिस्टल मेकर Swarovski ने भारत में अपने कारोबार को अगले 5 सालों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। FY25 में कंपनी की सेल **26%** बढ़कर **₹478 करोड़** रही है और अब कंपनी सस्ती लग्जरी और तेजी से रिटेल विस्तार पर दांव लगा रही है।
ऑस्ट्रिया की मशहूर क्रिस्टल और ज्वैलरी कंपनी Swarovski भारत में अपने पैर तेजी से पसार रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले 4 से 5 सालों में अपनी रेवेन्यू को दोगुना करना है। यह ऐलान फाइनेंशियल ईयर 2025 के मजबूत नतीजों के बाद आया है, जिसमें कंपनी ने ₹478 करोड़ की कुल सेल दर्ज की है, जो साल-दर-साल आधार पर 26% की बढ़ोतरी है।
रिटेल और स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव
भारत में ज्वैलरी मार्केट अभी भी सोने और पारंपरिक गहनों के दबदबे वाला है, लेकिन Swarovski इसे अपनी 'अफोर्डेबल लग्जरी' रेंज से चुनौती देना चाहती है। फिलहाल देश में इनके 82 स्टोर्स और 350 से ज्यादा रिटेल पॉइंट्स हैं। कंपनी अपनी ब्रांड इमेज को सिर्फ 'हाई-एंड लग्जरी' से बदलकर ऐसे प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है जो युवाओं और प्रोफेशनल वर्ग की पहुंच में हों, ताकि लोग इसे केवल गिफ्टिंग के लिए ही नहीं, बल्कि पर्सनल इस्तेमाल के लिए भी खरीदें।
भारत: केवल मार्केट नहीं, मैन्युफैक्चरिंग हब भी
Swarovski के लिए भारत सिर्फ एक कंज्यूमर मार्केट नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा भी है। पुणे में कंपनी की यूनिट्स पर्ल्स और फिगुरिन्स बनाती हैं, वहीं सूरत की फैसिलिटी लैब-ग्रोन डायमंड्स (Lab-grown diamonds) तैयार करती है, जिन्हें पूरी दुनिया में एक्सपोर्ट किया जाता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
अगर आप शेयर बाजार के जरिए इस ग्रोथ का फायदा उठाना चाहते हैं, तो यह ध्यान रखना जरूरी है कि Swarovski India Private Limited एक प्राइवेट और फैमिली-ओन्ड कंपनी है। यह कंपनी NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए रिटेल निवेशक इसमें सीधे शेयर नहीं खरीद सकते। भारत के ज्वैलरी सेक्टर में गलाकाट प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी का भविष्य इस बात पर टिका है कि वे अपनी प्रॉफिट मार्जिन को बरकरार रखते हुए पारंपरिक सोने की डिमांड के बीच अपनी जगह कितनी मजबूत बना पाते हैं।
