मुनाफे में आई भारी गिरावट, रेवेन्यू भी घटा
Sula Vineyards Limited के निवेशकों के लिए हालिया नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) में 68.1% की भारी गिरावट के साथ ₹9.10 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹28.54 करोड़ का मुनाफा कमाया था।
वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस भी 10.0% घटकर ₹195.68 करोड़ रहा, जबकि Q3 FY24 में यह ₹216.64 करोड़ था।
मार्जिन पर दबाव और इम्पेयरमेंट लॉस का असर
इस तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) मार्जिन पर काफी दबाव देखा गया। यह पिछले साल के 17.10% से गिरकर सिर्फ 6.39% रह गया। कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 67.5% घटकर ₹1.08 हो गई।
हालात को और खराब करते हुए, कंपनी को इंटेंजिबल एसेट्स पर ₹1.70 करोड़ का इम्पेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) भी दर्ज करना पड़ा, जिसने बॉटम लाइन को और प्रभावित किया।
नौ महीने और स्टैंडअलोन नतीजों का हाल
फाइनेंशियल ईयर 2025 के पहले नौ महीनों (Nine Months) के नतीजों पर नजर डालें तो कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 70.2% की बड़ी गिरावट आई है और यह ₹17.06 करोड़ रहा। इसी अवधि में रेवेन्यू 6.7% घटकर ₹453.63 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों की बात करें तो Q3 FY25 में नेट प्रॉफिट 59.5% गिरकर ₹6.62 करोड़ पर आ गया, जबकि रेवेन्यू 6.2% कम हुआ।
निवेशकों के लिए चिंता का विषय
हालांकि Sula Vineyards अपने बिजनेस की मौसमी प्रकृति (Seasonality) को तिमाही उतार-चढ़ाव का कारण बताती है, लेकिन मुनाफे और मार्जिन में इतनी बड़ी गिरावट, साथ ही इम्पेयरमेंट चार्ज, निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। कंपनी ने 'न्यू लेबर कोड्स' (New Labour Codes) में लेबर लॉ के एकीकरण से ₹0.50 करोड़ (कंसोलिडेटेड) के अतिरिक्त प्रभाव का भी उल्लेख किया है। निवेशक आने वाली तिमाहियों में डिमांड और मार्जिन में रिकवरी की उम्मीद करेंगे।