ब्यूटी ब्रांड Sugar Cosmetics ने A91 Partners से **₹144.5 करोड़** की फंडिंग जुटाई है। कंपनी अब अपनी स्ट्रैटेजी को पूरी तरह बदल रही है और रिटेल विस्तार को कम कर मुनाफे पर ध्यान दे रही है।
स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव
Sugar Cosmetics अब आक्रामक रिटेल विस्तार की नीति को छोड़कर पूरी तरह से 'कोर प्रॉफिटेबिलिटी' यानी मुनाफे पर फोकस कर रही है। ब्यूटी सेक्टर की यह दिग्गज कंपनी अब एक कठिन दौर से गुजर रही है, जहां इसका वैल्युएशन साल 2022 में लगभग ₹3,000 करोड़ के पीक से गिरकर अब ₹550 करोड़ से ₹755 करोड़ के बीच रह गया है।
ऑपरेशंस में भारी कटौती
वित्तीय दबाव को कम करने के लिए कंपनी ने अपने स्टोर्स और प्रोडक्ट्स की संख्या में बड़ी कटौती की है। कंपनी अपने स्टोर्स की संख्या 2,400 से घटाकर करीब 1,000-1,100 तक लाने की तैयारी में है। साथ ही, कंपनी ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (SKUs) को 850 से घटाकर सिर्फ 250 कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्किंग कैपिटल को उन प्रोडक्ट्स पर केंद्रित करना है जो हमेशा डिमांड में रहते हैं।
क्यों पड़ी फंडिंग की जरूरत?
बीता फाइनेंशियल ईयर कंपनी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। FY25 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 20% घटकर ₹404 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹505 करोड़ था। कंपनी का नेट लॉस भी लगभग दोगुना होकर ₹135 करोड़ तक पहुंच गया, जिसके कारण एग्रेसिव एक्सपेंशन की नीति पर ब्रेक लगाना पड़ा।
D2C मार्केट का बदलता मिजाज
Sugar Cosmetics का यह संघर्ष भारतीय D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) मार्केट के उस बदलते दौर को दर्शाता है, जहां अब निवेशक 'ग्रोथ एट ऑल कॉस्ट' के बजाय 'सस्टेनेबल इकोनॉमिक्स' पर जोर दे रहे हैं। Nykaa और Mamaearth जैसे बड़े खिलाड़ियों के बीच कंपनी के लिए आगे की राह अब पूरी तरह से अनुशासन और बेहतर सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर टिकी है।
