Spice Lounge Food Works ने फूड इमल्सीफायर और एग्रो-प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कदम रखा है। कंपनी का लक्ष्य इस नई डिवीज़न से **₹1,200 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करना है, लेकिन इस विस्तार के साथ जुड़े ऑपरेश्नल रिस्क पर भी नजर रखना जरूरी है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Spice Lounge Food Works अब अपने पारंपरिक हॉस्पिटैलिटी बिजनेस से हटकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उतर रही है। कंपनी ने एक नई एग्रो-प्रोसेसिंग डिवीज़न शुरू की है, जो फूड इमल्सीफायर और एग्रोकेमिकल्स पर फोकस करेगी। मैनेजमेंट का मानना है कि अपनी सप्लाई चेन को खुद कंट्रोल करके वे बी-टू-बी (B2B) क्लाइंट्स जैसे होटल और रेस्टोरेंट चेन को बेहतर सर्विस दे पाएंगे। यह नया सेगमेंट कंपनी के मौजूदा एंटरटेनमेंट वर्टिकल, Xora World के साथ मिलकर काम करेगा, जो हैदराबाद, तिरुपति और गोवा जैसे शहरों में तेजी से फैल रहा है।
रिस्क फैक्टर और फाइनेंशियल हेल्थ
हालांकि ₹1,200 करोड़ का टारगेट काफी आकर्षक लग रहा है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स इसे 'एग्जीक्यूशन रिस्क' (Execution Risk) के तौर पर देख रहे हैं। हॉस्पिटैलिटी से इंडस्ट्रियल ऑपरेशन की तरफ बढ़ना कंपनी के लिए चुनौती भरा हो सकता है। कंपनी की पिछली परफॉर्मेंस देखें तो कैपिटल का सही उपयोग और प्रॉफिट मार्जिन में सुधार करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। वर्तमान में यह स्टॉक अपनी हिस्टोरिकल रिटर्न रेशियो के मुकाबले हाई वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।
शेयरहोल्डर्स के लिए अपडेट
BSE पर लिस्टेड इस शेयर में पहले भी काफी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखा गया है। अच्छी बात यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में प्रमोटर होल्डिंग बढ़कर 64.37% हो गई है, जो कंपनी के प्रति अंदरूनी भरोसे को दर्शाती है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस नए एग्रो बिजनेस में कितना कैपिटल खर्च करती है और वास्तव में रेवेन्यू में कितना योगदान दे पाती है।
