मुनाफे में आई भारी गिरावट, वजह क्या?
Som Distilleries and Breweries के शेयर 11 फरवरी 2026 को बाजार में भारी गिरावट के साथ खुले। कंपनी ने Q3 FY26 के नतीजे जारी किए, जिसके मुताबिक नेट प्रॉफिट में 76% की भारी गिरावट आई है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹19.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था, जो इस बार घटकर सिर्फ ₹4.6 करोड़ रह गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 16.8% गिरकर ₹250.5 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹301.1 करोड़ था। इस गिरावट के चलते शेयर ₹84.85 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया, जो इसके 52-सप्ताह के लो ₹83.50 के बहुत करीब था। कंपनी का शेयर अपने 52-सप्ताह के हाई ₹173.03 से 50% से भी ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा है।
मार्जिन में भारी सिकुड़न, EBITDA पर भी असर
वित्तीय नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस में बड़ी कमजोरी दिखी है। EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में 45.4% की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई और यह ₹19.9 करोड़ पर आ गया। इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि EBITDA मार्जिन घटकर 7.9% रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 12% था। मार्जिन में इतनी बड़ी कमी कंपनी की प्राइसिंग पावर, लागत प्रबंधन या सेल्स मिक्स रणनीति पर सवाल खड़े करती है। यह सब तब हो रहा है जब भारतीय अल्कोहल मार्केट में प्रीमियम और लग्जरी प्रोडक्ट्स की जबरदस्त मांग है और कंपनियां इस ट्रेंड का फायदा उठा रही हैं।
वैल्यूएशन में डिस्काउंट, परफॉरमेंस में पिछड़ी
Som Distilleries का मौजूदा वैल्यूएशन (Valuation) सेक्टर की दूसरी बड़ी कंपनियों के मुकाबले काफी कम है। कंपनी का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ P/E (TTM P/E) 16.5x से 25x के बीच है, जबकि United Spirits जैसी कंपनियां 58-60x P/E पर और Allied Blenders and Distillers 54-71x P/E पर ट्रेड कर रही हैं। यह डिस्काउंट यह दर्शाता है कि भले ही कंपनी पर कर्ज लगभग न के बराबर है (Debt-to-Equity Ratio 0.07), लेकिन बाजार इसके फ्यूचर प्रॉफिट पर ज्यादा भरोसा नहीं दिखा रहा है। सेक्टर में प्रीमियम ब्रांड्स और ग्लोबल पार्टनरशिप (जैसे Diageo का United Spirits में निवेश) का फायदा मिलता दिख रहा है, लेकिन Som Distilleries पिछड़ रही है।
एनालिस्ट्स की 'Sell' रेटिंग, चिंता बढ़ी
बाजार में Som Distilleries को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। नवंबर 2025 में ही MarketsMOJO जैसी रेटिंग एजेंसी ने कंपनी को 'Sell' रेटिंग दी थी, जिसका मुख्य कारण गिरता हुआ Mojo Score था। कंपनी का स्टॉक पिछले 6 महीनों में लगभग 42% और पिछले साल में करीब 20% गिर चुका है। यह लगातार अंडरपरफॉरमेंस बता रही है कि कंपनी की अपनी आंतरिक समस्याएं सेक्टर की मजबूती पर भारी पड़ रही हैं।
सेक्टर में तेजी, कंपनी में मंदी
कुल मिलाकर, भारतीय अल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर में एक मजबूत ग्रोथ का माहौल है, जिसमें बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की डिमांड प्रमुख हैं। ऐसे में Som Distilleries का रेवेन्यू और प्रॉफिट में लगातार गिरना कंपनी की परफॉरमेंस पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जब तक कंपनी अपने ऑपरेशनल इश्यूज को दूर कर मार्जिन में सुधार नहीं करती, तब तक निवेशक इससे दूरी बनाए रख सकते हैं।