नतीजों में बड़ी गिरावट, वजहें क्या?
Som Distilleries & Breweries Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में काफी चुनौतीपूर्ण नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹21.5 करोड़ से 74.5% लुढ़ककर महज ₹5.5 करोड़ रह गया। वहीं, कंपनी की कुल आमदनी (Total Income) भी 16% गिरकर ₹254.2 करोड़ दर्ज की गई।
इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण बियर की बिक्री में आई 24% की भारी कमी रही, जो घटकर 35.3 लाख केस तक सिमट गई। कंपनी ने इसके लिए प्रमुख बाजारों जैसे मध्य प्रदेश और दिल्ली में कड़ाके की ठंड को जिम्मेदार ठहराया है। कर्नाटक जैसे इलाकों से भी रिकवरी धीमी रही।
हालांकि, कंपनी के इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) सेगमेंट ने 46% की जोरदार ग्रोथ दिखाते हुए 5 लाख केस की बिक्री की, लेकिन यह बियर की बिक्री में आई भारी गिरावट की भरपाई नहीं कर सका। बियर के प्रति केस की रियलाइजेशन (Realization) थोड़ी बढ़ी, लेकिन IMFL सेगमेंट में प्राइसिंग प्रेशर के कारण रियलाइजेशन घटा।
9 महीने की अवधि (Nine-month period) में भी कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले घटा है। कंपनी का कहना है कि बढ़ी हुई फाइनेंस कॉस्ट और डेप्रिसिएशन (Depreciation) के कारण प्रॉफिट कम हुआ है।
इसके अलावा, कच्चे माल जैसे जौ (Barley) और कांच की बोतलों की बढ़ती कीमतों और प्रीमियम बियर 'Hunter' के बिक्री मिश्रण (Sales Mix) में कम योगदान (जो 19% से घटकर 28% हो गया) के कारण कंपनी के ग्रॉस मार्जिन पर भी दबाव पड़ा। कंपनी को उम्मीद है कि चौथी तिमाही (Q4) में मौसम के अनुकूल होने और सीजनल मांग बढ़ने से मार्जिन में सुधार होगा।
बार-बार सस्पेंड हो रहा MP प्लांट का लाइसेंस!
वित्तीय नतीजों के बीच, Som Distilleries के लिए सबसे बड़ी चिंता मध्य प्रदेश आबकारी विभाग (MP Excise Department) द्वारा भोपाल स्थित प्लांट के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस का बार-बार सस्पेंड किया जाना है। कंपनी इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही है और जल्द ही कोर्ट से फैसले की उम्मीद कर रही है। प्रबंधन का दावा है कि संचालन जल्द शुरू हो सकता है और चौथी तिमाही पर असर कम होगा, लेकिन इस अनिश्चितता का असर निवेशकों पर साफ दिख रहा है।
यह स्थिति तब सामने आई है जब कंपनी पहले भी ₹5 लाख का SEBI जुर्माना झेल चुकी है, जो डिस्क्लोजर (Disclosure) में कमी के मामले में लगा था। इससे पहले, जून 2024 में बाल श्रम (Child Labour) के आरोपों के चलते भी एक फैक्ट्री का लाइसेंस सस्पेंड हुआ था। हालांकि कंपनी ने उस वक्त कहा था कि वह फैक्ट्री एक असोसिएट फर्म की थी, लेकिन बार-बार लाइसेंस सस्पेंशन की खबरें कंपनी के गुड गवर्नेंस (Good Governance) पर सवाल खड़े करती हैं।
भविष्य की योजनाएं और उम्मीदें
इन तमाम मुश्किलों के बावजूद, Som Distilleries अपने बड़े उत्तर प्रदेश (UP) ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी ₹570 करोड़ के प्रोजेक्ट का पहला चरण जून 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है, जिसकी क्षमता 1 करोड़ केस प्रति वर्ष होगी। कंपनी को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट भविष्य में रेवेन्यू का एक बड़ा जरिया बनेगा।
कंपनी को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में प्रदर्शन सुधरेगा और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कुल आमदनी ₹1,500 करोड़ के करीब पहुंच सकती है। फोकस अब ऑपरेशनल एफिशिएंसी, प्रीमियम पोर्टफोलियो का विस्तार और MP प्लांट की लाइसेंस संबंधी बाधाओं को दूर करने पर रहेगा।