स्मार्टफोन रिटेलर्स की मांग: जीरो-कॉस्ट EMI बंद करो, कीमतें घटाओ!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
स्मार्टफोन रिटेलर्स की मांग: जीरो-कॉस्ट EMI बंद करो, कीमतें घटाओ!

ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने Samsung, Apple जैसे बड़े स्मार्टफोन ब्रांड्स से जीरो-कॉस्ट EMI स्कीम्स को बंद करने की अपील की है। रिटेलर्स का कहना है कि इन स्कीम्स के कारण फोन की कीमतें **19%** तक बढ़ जाती हैं।

जीरो-कॉस्ट EMI का 'छिपा हुआ' खर्च

स्मार्टफोन रिटेलर्स का मानना है कि 'जीरो-कॉस्ट' EMI का बोझ असल में ग्राहकों पर ही पड़ता है। दरअसल, ब्रांड्स इस EMI स्कीम के लिए 17% से 19% तक की सबवेंशन कॉस्ट उठाते हैं, जिसे वे सीधे फोन की रिटेल प्राइस में जोड़ देते हैं। AIMRA का कहना है कि इससे सभी ग्राहकों के लिए फोन की कीमतें बेवजह बढ़ जाती हैं, चाहे वे EMI पर खरीदें या एकमुश्त पेमेंट करें।

नए प्लान का प्रस्ताव

AIMRA ने सुझाव दिया है कि ऑटोमोबाइल और होम लोन इंडस्ट्री की तरह, स्मार्टफोन ब्रांड्स को भी ऐसी EMI स्कीम्स लानी चाहिए जिनमें ग्राहक सीधे इंटरेस्ट (ब्याज) चुकाएं। रिटेलर्स का मानना है कि इससे कीमतों में पारदर्शिता आएगी और सबवेंशन कॉस्ट खत्म होने से फोन की बेस प्राइस कम हो सकती है।

उपभोक्ताओं और इंडस्ट्री पर असर

रिटेलर्स का यह भी कहना है कि इंटरेस्ट-बेस्ड लोन की ओर बढ़ने से ग्राहकों के लिए लोन अप्रूवल रेट्स (50% से भी कम) में सुधार हो सकता है। बैंकों और NBFCs के जरिए 48 महीने तक की लंबी अवधि के लोन की सुविधा मिलने से ज्यादा ग्राहक स्मार्टफोन खरीद पाएंगे। यह कदम प्रीमियम और मिड-रेंज फोन की डिमांड बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जा रही जीरो-कॉस्ट EMI की पुरानी स्ट्रैटेजी से बड़ा बदलाव होगा। हालांकि, इससे उन ग्राहकों के लिए फोन खरीदना महंगा हो जाएगा जो क्रेडिट पर खरीदारी करते हैं। अब यह देखना होगा कि स्मार्टफोन निर्माता इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.