📉 नतीजों का पोस्टमार्टम: Sky Gold की कैसी रही तिमाही?
Sky Gold and Diamonds Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY2025-26) और नौ महीनों के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन (Standalone) और कंसॉलिडेटेड (Consolidated) दोनों ही मोर्चों पर जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है।
स्टैंडअलोन नतीजे (Standalone Results)
- Q3 FY26: कंपनी का रेवेन्यू ऑफ ऑपरेशंस (Revenue from operations) पिछले साल की तीसरी तिमाही के ₹72,972.67 लाख से बढ़कर ₹1,37,570.95 लाख हो गया, जो 88.5% की शानदार बढ़ोतरी है। नेट प्रॉफिट में तो और भी बड़ी छलांग लगी, 121.2% बढ़कर यह ₹6,106.34 लाख पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,760.57 लाख था।
- नौ महीने (Dec 31, 2025 तक): स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 53.7% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹3,33,593.53 लाख रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 75.3% बढ़कर ₹14,848.19 लाख दर्ज किया गया।
कंसॉलिडेटेड नतीजे (Consolidated Results)
- Q3 FY26: कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 77.1% बढ़कर ₹1,76,768.30 लाख पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹99,796.92 लाख था। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 120.4% का उछाल देखा गया, जो ₹8,053.54 लाख रहा (पिछले साल ₹3,653.98 लाख)।
- नौ महीने (Dec 31, 2025 तक): कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 76.1% बढ़कर ₹4,38,337.87 लाख हो गया। नेट प्रॉफिट में 102.3% का इज़ाफ़ा हुआ और यह ₹19,111.56 लाख दर्ज किया गया।
मुनाफे की रफ्तार के पीछे की वजह?
इस जबरदस्त मुनाफे में इज़ाफ़े का एक बड़ा कारण कंपनी द्वारा डेप्रिसिएशन (Depreciation) की अपनी विधि में बदलाव करना रहा। 1 अप्रैल 2025 से कंपनी ने प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट पर डेप्रिसिएशन की विधि WDV (Written Down Value) से बदलकर SLM (Straight Line Method) कर दी है। इस बदलाव के कारण डेप्रिसिएशन का खर्च कम हो गया, जिससे रिपोर्टेड प्रॉफिट बढ़ा। अकेले Q3 FY26 में स्टैंडअलोन लेवल पर डेप्रिसिएशन ₹80.40 लाख कम हुआ, और कंसॉलिडेटेड लेवल पर ₹233.32 लाख की बचत हुई।
सब्सिडियरी का अधिग्रहण (Subsidiary Acquisition)
कंपनी ने 11 दिसंबर 2025 को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Starmangalsutra Private Limited, के जरिए Shri Rishab Gold में 51% की हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। यह कदम कंपनी के बिजनेस के विस्तार में महत्वपूर्ण हो सकता है।
EPS में भी सुधार
कंपनी के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी ज़बरदस्त सुधार देखने को मिला। स्टैंडअलोन Q3 FY26 के लिए बेसिक EPS ₹3.94 रहा (पिछले साल ₹1.91), और कंसॉलिडेटेड बेसिक EPS ₹5.20 रहा (पिछले साल ₹2.52)।
आगे क्या? (Outlook & Risks)
- कोई गाइडेंस नहीं: कंपनी ने नतीजों के साथ कोई फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस (Future Outlook) जारी नहीं किया है। यानी, भविष्य में कंपनी कैसा प्रदर्शन करेगी, इसका अंदाज़ा निवेशकों को फिलहाल मौजूदा ट्रेंड्स के आधार पर ही लगाना होगा।
- अकाउंटिंग का असर: यह समझना ज़रूरी है कि मुनाफे में जो इज़ाफ़ा दिख रहा है, उसका एक हिस्सा डेप्रिसिएशन विधि में बदलाव के कारण है। यह एक अकाउंटिंग एडजस्टमेंट है, और पूरी तरह से ऑपरेशनल परफॉरमेंस का नतीजा नहीं। रेवेन्यू में आई तेजी के पीछे के असली ऑपरेशनल कारणों की जांच की ज़रूरत है।
- लेबर कोड्स का असर: कंपनी का कहना है कि नए लेबर कोड्स (New Labour Codes) का वर्तमान अवधि पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।