Q4 में दमदार प्रदर्शन, पर 9 महीनों की कहानी कुछ और
Shringar House of Mangalsutra ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों और चौथी तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के तिमाही नतीजों में सेल्स और मुनाफे में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन साल के नौ महीनों के नतीजों पर गौर करें तो मार्जिन को लेकर कुछ चिंताएं सामने आती हैं।
तिमाही (Q4 FY25) के नतीजे:
- कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 68.37% बढ़कर ₹658.86 करोड़ पर पहुंच गया।
- प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 138.29% की जबरदस्त तेजी आई और यह ₹40.03 करोड़ रहा।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 77.61% का उछाल देखा गया, जो ₹22.85 करोड़ दर्ज किया गया।
- इस तिमाही में PBT मार्जिन भी सुधरकर 5.88% हो गया, जो पिछले साल 4.29% था।
नौ महीने (9M FY25) के नतीजे:
- हालांकि, 31 दिसंबर, 2025 तक के नौ महीनों में कंपनी का रेवेन्यू 41% बढ़कर ₹1,520.26 करोड़ हो गया।
- PBT में 76.37% की अच्छी बढ़त के साथ ₹108.36 करोड़ दर्ज किया गया।
- लेकिन, PAT ग्रोथ उतनी प्रभावी नहीं रही, यह सिर्फ 15.77% बढ़कर ₹47.60 करोड़ पर ही पहुंच पाई।
- इस अवधि के लिए PAT मार्जिन घटकर 3.12% रह गया, जो पिछले साल 3.81% था।
'अन्य आय' और मार्जिन पर सवाल:
Q4 FY25 में मार्जिन में सुधार सकारात्मक संकेत देता है। लेकिन, नौ महीनों में PAT मार्जिन का सिकुड़ना और 'अन्य आय' (Other Income) में अचानक आई बड़ी बढ़ोतरी चिंता का विषय है। Q4 FY25 में 'अन्य आय' ₹2.06 करोड़ दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि में सिर्फ ₹0.05 करोड़ थी। इस 'अन्य आय' ने तिमाही के PAT को कृत्रिम रूप से बढ़ाने में मदद की है।
कंपनी मुख्य रूप से मंगलसूत्र के निर्माण और व्यापार का काम करती है। हालांकि, इस फाइनेंशियल रिपोर्ट में मैनेजमेंट की ओर से कोई खास टिप्पणी या भविष्य की गाइडेंस नहीं दी गई है। ऐसे में निवेशकों को मार्जिन पर दबाव और 'अन्य आय' के स्रोत पर बारीक नजर रखने की जरूरत है ताकि मुनाफे की स्थिरता का अंदाजा लगाया जा सके। इसके अलावा, भारत सरकार के लेबर कोड में हालिया बदलावों का भी कंपनी के संचालन पर असर पड़ सकता है।