Shringar House of Mangalsutra ने मुंबई में अपना प्लांट शिफ्ट करते हुए अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाकर **4,000 किलो** सालाना कर लिया है। कंपनी अब अपने कोर बिजनेस से हटकर ब्राइडल ज्वेलरी मार्केट में भी कदम रख रही है।
मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा विस्तार
Shringar House of Mangalsutra ने मुंबई के कांदिवली में एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में शिफ्टिंग पूरी कर ली है। इस बदलाव से कंपनी की एनुअल प्रोडक्शन कैपेसिटी 2,500 किलो से बढ़कर 4,000 किलो हो गई है। फरवरी 2026 से शुरू हुए इस नए प्लांट में आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि मौजूदा इन्वेंट्री के साथ नई प्रोडक्ट लाइन्स को भी संभाला जा सके।
ब्राइडल ज्वेलरी का दांव
अप्रैल 2026 में कंपनी ने ब्राइडल ज्वेलरी सेगमेंट में एंट्री की है। यह रणनीति कंपनी की मंगलसूत्र की बिक्री पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने के लिए बनाई गई है। ब्राइडल ज्वेलरी में 'मेकिंग चार्जेस' अधिक होने के कारण कंपनी को अपने प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। कंपनी Titan Company, Indriya, Joyalukkas, Reliance Retail, Kalyan Jewellers और Malabar Gold जैसे बड़े रिटेल चेन्स को अपनी सप्लाई देती है।
डिस्ट्रीब्यूशन और रिस्क फैक्टर
कंपनी ने 'हब-एंड-स्पोक' डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल अपनाया है। पुणे और दिल्ली जैसे शहरों में कंपनी ऑफिस खोल रही है, जबकि छोटे शहरों के लिए थर्ड-पार्टी फैसिलिटेटर्स का इस्तेमाल कर रही है, जिन्हें 5 किलो तक की इन्वेंट्री रखने की अनुमति है।
हालांकि, निवेशकों के लिए कुछ बातें ध्यान में रखना जरूरी है:
- वर्किंग कैपिटल: सोना-आधारित ज्वेलरी बिजनेस कैपिटल-इंटेंसिव है। क्षमता बढ़ाने के साथ ही गोल्ड इन्वेंट्री के लिए वर्किंग कैपिटल की जरूरत भी बढ़ जाएगी।
- गोल्ड प्राइस रिस्क: कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
- क्लाइंट कंसंट्रेशन: कंपनी की ग्रोथ सीधे तौर पर अपने बड़े रिटेल पार्टनर्स की सेल्स पर निर्भर है, जो एक बड़ा रिस्क भी हो सकता है।
